Nagpur Violence : महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा के बाद शहर के 30 फीसदी हिस्से में कर्फ्यू लागू है। जगह-जगह पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात हैं। संवेदनशील एवं हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों, दंगा निरोधी दस्ते और राज्य रिजर्व पुलिस की तैनाती है। रिपोर्टों के मुताबिक किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए 8000 पुलिसकर्मियों को तैयार रखा गया है। जबकि हिंसा वाली जगहों महाल और हंसापुरी में स्थित तनावपूर्ण बनी हुई है। इन इलाकों में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है।
1,200 लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मंगलवार को पुलिस ने 1,200 लोगों के खिलाफ छह प्राथमिकी दर्ज की। इसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के सदस्यों के भी नाम हैं। इन संगठनों पर आरोप है कि इन्होंने सोमवार को मुगल बादशाह औरंगजेब का पुतला जलाया जिसके बाद हिंसा की शुरुआत हुई। अभी तक पुलिस ने हिंसा मामले में 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीम अभियान चला रही है। घायल 70 लोगों में राजा यूसुफ खान (17) और इमरान अंसारी (40) सरकार अस्पताल में भर्ती हैं। इनकी हालत गंभीर बताई गई है। इन्हें वेटिलेटर पर रखा गया है।
दो महिला पुलिसकर्मियों पर हुआ हमला
इस बीच, हिंसा के लिए उपद्रवियों की तैयारी से जुड़ी जो बातें सामने आई हैं, उससे प्रशासन और पुलिस महकमा हैरान है। इसमें एक मामला दो महिला पुलिसकर्मियों पर हुए हमले का है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भलदरपुरा इलाके की एक गली में उपद्रवियों ने एक महिला पुलिसकर्मी को बुरी तरह से अपनी चंगुल और घेरे में ले लिया था। इस महिला पुलिसकर्मी के यूनिफॉर्म फटे हुए मिले। उपद्रवियों ने इसके साथ छेड़खानी की। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी किसी तरह से अपने ऊपर हुए हमले से बच गई। जबकि दंगाइयों ने दूसरी महिला पुलिस अधिकारी एसीपी अनीता मोरे को सड़क पर अकेले कर दिया था और उन पर पत्थर फेंके।
डीसीपी पर कुल्हाड़ी से वार
टीओआई की इस रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हंसापुरी में जोनल डीसीपी निकेतन कदम पर एक 15 साल के लड़के ने कुल्हाड़ी से वार किया। इस लड़के ने पुलिस अधिकारी के गर्दन को निशाने बनाते हुए वार किया लेकिन उन्होंने अपने हाथ से इस हमले को रोक लिया। पुलिस अधिकारी को गंभीर चोट आई है। बाद में कदम को न्यू एरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। हमले में करीब 34 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इनमें चार डीसीपी भी हैं।
