मुंबई में शनिवार को कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ मिलकर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि ये अनियमितताएं सत्तारूढ़ भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए की गई हैं। कांग्रेस पहले से ही वोट चोरी का दावा करती रही है।
उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, शरद पवार और बालासाहेब थोराट ने संभाला मोर्चा
‘सत्याचा मोर्चा (सत्य के लिए मार्च)’ नाम से निकला यह विरोध मार्च दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय पर समाप्त हुआ। मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शरद पवार, राज ठाकरे, और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि उनका नाम फर्जी मोबाइल नंबर से ‘सक्षम’ ऐप पर अपलोड किया गया है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सके। भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने ‘शोले’ फिल्म का मशहूर डायलॉग दोहराते हुए कहा, “जागते रहो, वरना एनाकोंडा आ जाएगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने “मेरी पार्टी, चुनाव चिह्न और मेरे पिता का नाम छीन लिया, अब वोट चुराने की कोशिश हो रही है।”
राज ठाकरे का दावा
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मुंबई में लाखों दोहराव वाले मतदाता मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 4,500 ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम एक साथ कल्याण ग्रामीण और मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि “इस फर्जी मतदाता सूची को पहले साफ किया जाए और फिर चुनाव कराए जाएं।” राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची की बारीकी से जांच करने और दोहराव पकड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन “मराठी हिंदुओं और महाराष्ट्र के लोगों के हित” के लिए एकजुट हुआ है।
क्या बोले शरद पवार
राकांपा (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने इस मोर्चे को “संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष की एकजुटता का प्रतीक” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र और राज्य में सत्ता का दुरुपयोग कर प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बना रही है।
क्या बोली कांग्रेस
कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि मतदाता सूची में धांधली का मुद्दा सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाया था, और अब यह पूरे देश में गूंज रहा है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में सुधार के बाद ही स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। मार्च में सुप्रिया सुले, नसीम खान, सतेज पाटिल, और भाई जगताप सहित कई नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। खास बात यह रही कि राज ठाकरे अपने समर्थकों के साथ ट्रेन से दादर से चर्चगेट पहुंचे — यह दृश्य विपक्ष की एकता और जनता से जुड़ाव का प्रतीक बना।
