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मोदी सरकार ने बदला मुगल गार्डन का नाम, अब हुआ अमृत उद्यान

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 28, 2023, 05:19 PM IST

Mugal Garden Name Change: भारत के इतिहास में मुगल गार्डन का एक अपना अलग इतिहास है। राष्ट्रपति भवन में स्थित यह गार्डन सैकड़ों किस्म के फूलों के लिए जाना जाता है। 15 एकड़ के क्षेत्र में फैला यह उद्यान फूलों की सैकड़ों किस्मों के लिए प्रसिद्ध है और साल में एक बार फरवरी और मार्च के महीनों के दौरान जनता के लिए खुला रहता है।

Mugal Garden Name Change: केंद्र सरकार ने शनिवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया। भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'अमृत महोत्सव' की थीम को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया।

कब से खुलेगा

अमृत उद्यान का उद्घाटन 29 जनवरी रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा और 31 जनवरी से 26 मार्च तक दो महीने के लिए खुला रहेगा। यह उद्यान भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के परिसर में स्थित है और इसे मुगल और ब्रिटिश शैलियों का एक सुंदर मिश्रण माना जाता है।

सैकड़ों किस्म के फूल

15 एकड़ के क्षेत्र में फैला यह उद्यान फूलों की सैकड़ों किस्मों के लिए प्रसिद्ध है और साल में एक बार फरवरी और मार्च के महीनों के दौरान जनता के लिए खुला रहता है।

नेताओं की प्रतिक्रिया

मोदी सरकार के इस फैसले से भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है। सिरसा ने इसे बदलते भारत की तस्वीर बताया है। वहीं कांग्रेस नेता रशीद अल्वी ने इसका विरोध किया है। उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश हमने आज़ाद कराया , नाम आप बदल रहे हैं। इतिहास को लेकर देश आपको माफ़ नहीं करेगा। आप अपना बनाइये और फिर नाम बदलिए। फिर तो आप राष्टपति भवन को भी तोड़ दीजिये। लाल किला मुगलों ने बनाया था , जिसपर झंडा फहराकर फ़क़्र महसूस करते हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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