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'मंदिर तोड़ बनाई जाए जो मस्जिद इस्लाम में वह कबूल नहीं', बोले मदनी- जो इल्जाम तब बाबर पर लगे थे, वही अब लोगों पर...

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 8, 2023, 07:19 AM IST

उन्होंने मुसलमानों को मुल्क की मौजूदा सूरते-हाल में संयम से काम लेने की हिदायत दी। ‘लव जिहाद’ का जिक्र करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि उन्होंने 80 साल तक यह शब्द नहीं सुना था और दावा किया कि यह उन्हीं लोगों का ईजाद (गढ़ा) किया हुआ शब्द है, जो खुद मुल्क के अंदर नफरत पैदा करना चाहते हैं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

मंदिर तोड़कर जो मस्जिद बनाई जाए, वह हमें (इस्लाम में) स्वीकार नहीं है। यह टिप्पणी जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने की है। गुरुवार (सात दिसंबर, 2023) को उन्होंने यूपी की राजधानी लखनऊ में मीडिया के सामने यह भी बताया कि जहां तक अयोध्या की बात है तो सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं माना है कि राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनी थी।

जमीयत की पूर्वी उत्तर प्रदेश की 37 जिला इकाइयों के सम्मेलन में वह आगे बोले- जो इल्जाम बाबर पर लगे थे कि उसने राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बना ली, आज वही इल्जाम मौजूदा लोगों पर लग गए हैं कि उन्होंने मस्जिद तोड़कर राम मंदिर बना लिया। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद बाबर तो इस इल्जाम से बरी हो गया।

मदनी ने इसके अलावा मदरसों की जांच पर कहा कि जो मदरसे सरकारी पैसा खा रहे हैं, उनकी जांच हो रही है। अगर कहीं से भी विदेश से फंडिंग हो रही है, तो इसका सबूत दिया जाना चाहिए। हमारे हिंदुस्तान में पैसे की कोई कमी नहीं है और सारी फंडिंग यहीं से हो रही है।

वह हलाल प्रोडक्ट्स को लेकर बोले कि यूपी में एक भी हलाल सर्टिफाइड मरकज नहीं है। अगर कहीं पर है तो हमें बताएं। हम सियासी दलों को भी पैगाम (संदेश) देना चाहते हैं। चाहे वे सत्ता में हो या नहीं कि वे प्यार-मोहब्बत का ही प्रचार करें, नफरत और दूरी का नहीं। मुल्क की भलाई इसी में है।

उन्होंने मुसलमानों को मुल्क की मौजूदा सूरते-हाल में संयम से काम लेने की हिदायत दी। ‘लव जिहाद’ का जिक्र करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि उन्होंने 80 साल तक यह शब्द नहीं सुना था और दावा किया कि यह उन्हीं लोगों का ईजाद (गढ़ा) किया हुआ शब्द है, जो खुद मुल्क के अंदर नफरत पैदा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि हम मुसलमानों से कहते हैं कि अपनी बच्चियों के लिए ज्यादा से ज्यादा तादाद में अलग स्कूल खोलो, ताकि मुसलमानों पर 'लव जिहाद' का आरोप लगाकर इसकी आड़ में उनकी बेटियों के साथ गलत करने की कोशिश करने वाले लोगों को रोका जा सके।

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