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'रणनीतिक साझेदारों से कहीं बढ़कर'... मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को बताया सबसे अलग, राफेल डील पर कही अहम बात

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच हुई वार्ता के बाद भारत और फ्रांस ने मंगलवार को अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों पक्ष रक्षा, नवाचार और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं।

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AI Summit में मैक्रों और पीएम मोदी

Photo : AP

Emanuel Macron: भारत द्वारा फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के फैसले के कुछ दिनों बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को कहा कि "मेक इन इंडिया" इस कार्यक्रम का एक मुख्य घटक होगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत के साथ पनडुब्बियों पर सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, हमारे बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं है, बल्कि एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है जो भारत और फ्रांस दोनों के लिए अद्वितीय है।

मोदी और मैक्रों के बीच हुई अहम वार्ता

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच हुई वार्ता के बाद भारत और फ्रांस ने मंगलवार को अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों पक्ष रक्षा, नवाचार और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। राफेल खरीद कार्यक्रम से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि फ्रांस रखरखाव और क्षमता निर्माण के पहलुओं में सहयोग बढ़ाना चाहता है। मैक्रों ने कहा कि कुछ दिन पहले भारत ने राफेल विमानों की नई खेप खरीदने की इच्छा जताई थी और मेक इन इंडिया इसका एक अहम पहलू होगा।। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक नया कदम है।

114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद

भारत ने अपने अब तक के सबसे बड़े रक्षा अधिग्रहण अभियान के तहत पिछले सप्ताह फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार समझौते के अंतर्गत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA)परियोजना के तहत, राफेल निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा 18 विमान उड़ान भरने योग्य स्थिति में आपूर्ति किए जाएंगे और बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, यह खरीद चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या 31 रह गई

इन विमानों की खरीद का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय वायु सेना के लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या आधिकारिक रूप से स्वीकृत 42 से घटकर 31 रह गई है। 2015 में मोदी सरकार ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए सरकार-से-सरकार समझौते की घोषणा की थी। भारतीय वायु सेना वर्तमान में इन विमानों का संचालन कर रही है। पिछले वर्ष भारतीय नौसेना ने राफेल जेट के 26 समुद्री संस्करणों की खरीद के लिए 64,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।

तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण कार्यक्रम पर भी बात

फ्रांस तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने पर भी विचार कर रहा है। इन पनडुब्बियों का निर्माण सरकारी स्वामित्व वाली मझगांव डॉक लिमिटेड (MDL) और फ्रांसीसी रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नेवल ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना प्रस्तावित है। भारतीय नौसेना की परियोजना 75 के तहत, नेवल ग्रुप के सहयोग से मजगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का निर्माण पहले ही किया जा चुका है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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