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केरल और पूर्वोत्तर में जल्दी और इन दिन आएगा मानसून, प्रचंड गर्मी के बीच IMD ने दिया राहत भरा अपडेट

इस बार एक साथ मानसून की शुरुआत की संभावना पिछले हफ्ते बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात रेमल के कारण बताई जा रही है।

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मानसून पर बड़ा अपडेट

IMD Monsoon Update: उत्तर और मध्य भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीत मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। आईएमडी ने मानसून के केरल और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में एक साथ पहुंचने की उम्मीद जताई है। आईएमडी ने बुधवार को अगले 24 घंटों के दौरान जल्द अनुकूल परिस्थितियों की भविष्यवाणी की है। मानसून आम तौर पर 1 जून को केरल में प्रवेश करता है, जबकि यह कुछ दिनों बाद उत्तर-पूर्व में आता है और 5 जून तक इसके अधिकांश हिस्से को कवर कर लेता है।

30 मई 2017 में बनी थी ऐसी स्थितियां

पिछली बार केरल और उत्तर-पूर्व में इसी तरह की एक साथ 30 मई 2017 को चक्रवात मोरा के कारण ऐसी स्थिति बनी थी, जो बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर बना था। इस बार एक साथ मानसून की शुरुआत की संभावना पिछले हफ्ते बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात रेमल के कारण बताई जा रही है। चक्रवाती परिसंचरण ने क्षेत्र में मानसून के प्रवाह को खींच लिया है।

मौसम विभाग ने जल्द बारिश शुरू होने की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान केरल में मानसून की शुरुआत और इसी अवधि के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पिछले साल केरल में मानसून की शुरुआत सात दिनों की देरी के बाद 8 जून को हुई थी।

हीटवेव में आएगी कमी

मौसम विभाग ने यह भी भविष्यवाणी की है कि दिल्ली-एनसीआर और मध्य भारत सहित उत्तर-पश्चिम में जारी हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति गुरुवार से धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। तापमान में गिरावट का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा सकता है। आईएमडी ने इस महीने की शुरुआत में ±4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ 31 मई को केरल में मानसून की शुरुआत की संभावना की भविष्यवाणी की थी। पिछले 19 वर्षों (2005-2023) के दौरान केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख के बारे में इसके पूर्वानुमान 2015 को छोड़कर सही साबित हुए थे।

केरल से मानसून की शुरुआत

भारत में दक्षिण-पश्चिम (ग्रीष्म) मानसून की प्रगति केरल में मानसून की शुरुआत से चिह्नित होती है। यह गर्म और शुष्क मौसम से बरसात के मौसम में बदलाव को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर लगभग सात दिनों के मानक विचलन के साथ 1 जून को केरल में प्रवेश करता है और फिर 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर करने से पहले अन्य राज्यों की ओर बढ़ता है। केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख के पूर्वानुमान के लिए ±4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ एक स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय मॉडल का उपयोग किया जाता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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