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हिंसक हुआ मराठा आरक्षण आंदोलन, प्रदर्शनकारियों ने NCP विधायक के घर में लगाई आग, दर्जनों वाहन भी फूंके

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 30, 2023, 01:40 PM IST

Maratha Reservation: प्रकाश सोलंके ने कहा है कि जिस समय प्रदर्शनकारियों ने उनके घर पर हमला किया तब वे घर से अंदर ही थी। उन्होंने कहा, सौभाग्य से हमले में परिवार को कोई भी सदस्य और कर्मचारी घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, हम सभी सुरक्षित हैं, लेकिन आग के कारण भारी संपत्ति को नुकसान हुआ है।

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प्रदर्शनकारियों ने एनसीपी विधायक के घर लगाई आग

Photo : ANI

Maratha Reservation: महाराष्ट्र के बीड में मराठा आरक्षण आंदोलन काफी हिंसक हो गया है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके के घर में आ लगा दी। इससे पहले उनके घर में तोड़-फोड़ भी की गई। प्रकाश सोलंके के बीड स्थित आवास की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें आग की लपटों को साफ देखा जा सकता है।

इससे पहले मराठा आंदोलन के चलते रविवार को एसटी बस सेवा भी बंद कर दी गई थी। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने धुले-सोलापुर हाईवे को ब्लॉक कर दिया था। यहां उन्होंने टायर जलाकर सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए थे।

हमले के समय घर के अंदर ही थे विधायक

एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने कहा है कि जिस समय प्रदर्शनकारियों ने उनके घर पर हमला किया तब वे घर से अंदर ही थी। उन्होंने कहा, सौभाग्य से हमले में परिवार को कोई भी सदस्य और कर्मचारी घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, हम सभी सुरक्षित हैं, लेकिन आग के कारण भारी संपत्ति को नुकसान हुआ है। विधायक के घर हमले के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, मनोज जरांगे पाटिल (मराठा आरक्षण कार्यकर्ता) को इस तथ्य पर ध्यान देना चाहिए कि यह विरोध प्रदर्शन क्या मोड़ ले रहा है। उन्होंने कहा, मराठा आरक्षण आंदोलन अब गलत दिशा में जा रहा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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