Bhalswa Dumping Ground: दिल्ली के लिए एक बड़ी राहत की खबर आ रही है। राजधानी का प्रमुख भलस्वा लैंडफिल साइट अब धीरे-धीरे खाली हो रहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भलस्वा में जमा लगभग 45 लाख मीट्रिक टन लीगेसी कचरा अगले साल 2 अक्टूबर तक पूरी तरह निस्तारित कर दिया जाएगा।
लंबे समय से दिल्ली के सामने खड़ी यह चुनौती अब समाधान की ओर बढ़ रही है। मंत्री ने बताया कि इस कचरे को केवल हटाया नहीं जा रहा, बल्कि इसका उपयोग भी किया जा रहा है। इनर्ट सामग्री का इस्तेमाल सड़कों और निर्माण कार्यों में हो रहा है, आरडीएफ सीमेंट फैक्ट्रियों में ईंधन बन गया है, सीएंडडी वेस्ट से टाइलें बन रही हैं और कंपोस्ट खाद दिल्ली के पार्कों में काम आ रही है।
कितना कचरा अब तक हुआ खत्म
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक करीब 25 एकड़ जमीन खाली हो चुकी है। इसमें से 5 एकड़ पर बांस गार्डन विकसित किया गया है, जबकि शेष भूमि पर आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अब से ताजा कचरे और लीगेसी कचरे को अलग-अलग प्रोसेस किया जाएगा, ताकि काम और तेज़ी से हो सके।
लैंडफिल पर काम कर रहे कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए मंत्री ने घोषणा की कि उन्हें 5000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और उनकी स्वास्थ्य जांच भी कराई जाएगी।
आशीष सूद ने क्या कुछ कहा?
दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी को कचरे के पहाड़ों से मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट्स (भलस्वा, गाजीपुर और ओखला) पर अब तक 50 प्रतिशत से अधिक कचरे का निस्तारण हो चुका है।
महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि भलस्वा साइट की ऊंचाई अब तक 15 मीटर घट चुकी है। पहले यहां 73 लाख मीट्रिक टन कचरा था, जो अब घटकर 43 लाख टन रह गया है। अगर तय योजना के अनुसार काम समय पर पूरा हुआ, तो आने वाला साल दिल्ली के लिए एक बड़ी उपलब्धि लेकर आएगा और राजधानी की यह पुरानी समस्या आखिरकार खत्म हो जाएगी।
