'आजादी के बाद काशी की उपेक्षा हुई, अब प्राचीन स्वरूप को...'; मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य पर बोले CM योगी
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 17, 2026, 04:06 PM IST
Manikarnika Ghat Demolition: प्राचीन संरचनाओं को ढहाए जाने को मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, "काशी अविनाशी है। प्रत्येक भारतीय काशी के प्रति असीम श्रद्धा रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जिस व्यापक विकास कार्यक्रम का हकदार सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।"
मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर सीएम योगी ने मीडिया से की बात।(फोटो सोर्स: ANI)
Manikarnika Ghat Demolition: काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर घमासान मचा हुआ है। प्राचीन संरचनाओं को ढहाए जाने को लेकर हंगामा मचा हुआ है। विपक्षी दलों के नेता लगातार इन प्राचीन संरचनाओं को ढहाए जाने के मामले पर योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर काशी पहुंचकर मीडिया से बातचीत की।
उन्होंने कहा, "काशी अविनाशी है। प्रत्येक भारतीय काशी के प्रति असीम श्रद्धा रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जिस व्यापक विकास कार्यक्रम का हकदार सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।"
हमने सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर संरक्षित किया: सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा," पिछले 11 से लेकर 11.5 वर्षों में काशी ने भौतिक विकास कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छूते हुए अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर संरक्षित और बढ़ावा दिया है। यह हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री मोदी करते हैं।
सीएम ने कहा,"मैंने शुरू से ही इस विषय पर कहा है कि काशी के प्राचीन स्वरूप को संरक्षित किया जाना चाहिए और इसे देश और दुनिया के सामने एक नए रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, और इसी के अनुरूप पिछले 11-11.5 वर्षों में काशी के लिए योजनाएं शुरू की गईं।"
'55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मिली मंजूरी'
उन्होंने कहा कि काशी के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 36,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन पहले ही हो चुका है, और शेष योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम के अस्तित्व में आने से पहले, यहां प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 100 करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये के बीच रहती थी। 5,000 से घटकर मात्र 25,000 रह गए थे। आज उसी काशी में प्रतिदिन 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु आते हैं। अकेले काशी ने ही देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि कुछ लोग है जो काशी को बदनाम करते हैंमुझे याद है, जब काशी विश्वनाथ का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ साजिश की थी. आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं और टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर भ्रम फैला रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं। इससे ज्यादा सफेद झूठ कुछ नहीं हो सकता। आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है।पीएम ने हमेशा इस बारे में बात की है कि काशी की प्राचीन विरासत को संरक्षित करते हुए, इसे देश और दुनिया के सामने एक नए रूप में भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
बता दें कि शनिवार को वाराणसी पहुंचकर सीएम योगी आदित्यानाथ ने सबसे विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, यहां उन्होंने भगवान काशी विश्वनाथ का अभिषेक कर पूजा आराधना की।
वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ की पूजा आराधना करने के बाद काल भैरव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान काल भैरव की पूजा अर्चना की।
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