Yogi Adityanath Cabinet Expansion: यूपी में सरकार से लेकर संगठन तक में बड़े बदलाव का इंतजार लंबे समय से हो रहा है। लेकिन, अब लगता है कि वो वक़्त बेहद करीब है। इसकी वजह है पिछले कुछ दिनों में हुई मुलाकातें और और बड़ी बैठकें। शनिवार को दिल्ली से लौटकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। वहीं रविवार की सुबह फिर प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन ने बंद कमरे में चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इसके बाद दिल्ली चले गए और शाम को गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की।
इधर लखनऊ में दोपहर करीब 11 बजे बाद राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भी कार्यालय पहुंच गए।पहले वे प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन से मिले। फिर उन्होंने बारी-बारी से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व मंत्री डा. महेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी से मुलाकात की। इसके अलावा वे तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों भूपेंद्र चौधरी, सूर्यप्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी से भी मिले। इतना ही नही सरकार के तीन महिला मंत्रियों से भी मुलाकात की।
बंद कमरे में सरकार के मंत्रियों और पार्टी के इन वरिष्ठ नेताओं से मंत्रिमंडल विस्तार, संगठन और आयोगों के खाली पदों के साथ ही प्रदेश की सियासी स्थिति के जमीनी फीडबैक को लेकर चर्चा की गई।
सबसे पहले बात योगी मंत्रिमंडल में होने वाली बड़े फेरबदल की अटकलों की करते है। ये चर्चा इस लिए की राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने जिन मंत्रियों, पूर्व अध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों से बात की उनसे की सवाल पूछे। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर सवाल मंत्रिमंडल को लेकर थे, जिसमें मौजूदा मंत्रियों के बारे में फीडबैक से लेकर मंत्रिमंडल में नए चेहरों के बारें में बात हुई।
नए मंत्रिमंडल को लेकर मंत्रियों का फीडबैक
सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कई सवाल पूछे। कुछ खास सवाल जिसके बाद मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की चर्चा शुरू हुई वो सवाल है-
1.सवाल- मंत्रियों के काम-काज को कैसे देख रहें है?
2.सवाल-किस मंत्री को लेकर क्या चर्चा है? किसके बारे में क्या सकारात्मक और क्या नकारात्मक है?
3.सवाल-क्या आपके पास कोई नाम है, जिसे आप मंत्रिमंडल में चाहते है तो नाम बता सकतें है।
इतना ही नही सूत्रों की माने तो संगठन को लेकर भी सवाल भी पूछा गया। यूपी के राजनीतिक हालात पर भी बात हुई है।उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगरा में होने के कारण उनकी देर शाम विनोद तावड़े से मुलाकात हुई।तावड़े ने लिया सूबे का जमीनी हकीकत समझी। सूत्रों की मानें तो जिन लोगों ने मुलाकात की उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधे जाने पर जोर दिया। अवध क्षेत्र में पासी और कुर्मियों की नाराजगी के कारण पार्टी को नुकसान हुआ। इसी तरह ब्राह्मणों की नाराजगी का विषय भी लगातार उठता है। सुझाव दिया गया कि पार्टी को बैकवर्ड राजनीति करनी है तो अगड़ों को भी साधना होगा। वहीं आयोग, निगम, बोर्डों के खाली पदों को भी जल्द भरे जाने की बात कही गई।
खबर यह भी है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी प्रदेश की टीम फाइनल कर चुके है और लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौप चुके है। अब इस लिस्ट पर फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है। विनोद तावड़े के इस फीडबैक का मकसद सरकार को लेकर हो रही चर्चाओं को समझना है। बताया जा रहा है कि इन तमाम बातों और फीडबैक को विनोद तावड़े ने बाकायदा नोट किया है। विनोद तावड़े सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। सरकार, संगठन, आयोगों के साथ ही अन्य फीडबैक के आधार पर वे अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।विनोद तावड़े के इस बैठकों के बाद प्रदेश भाजपा संगठन और मंत्रिमंडल में बड़े बदलावों के तेज कयास तेज हो गया है।
