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महुआ मोइत्रा ने सोनम वांगचुक से कहा, 'नड्डा, जितेंद्र सिंह शायद आपको शांत कर दें, लेकिन देश को प्रधान का इस्तीफा चाहिए'

Sonam Wangchuk Breaks Fast NEET Protest: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के आश्वासन पर अनशन तोड़ा। महुआ मोइत्रा ने कहा- 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं।'

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महुआ मोइत्रा ने सोनम वांगचुक से कहा, 'नड्डा, जितेंद्र सिंह शायद आपको शांत कर दें, लेकिन देश को प्रधान का इस्तीफा चाहिए' (ANI)

Mahua Moitra X Post Dharmendra Pradhan Resignation: NEET और राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार बृहस्पतिवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। दोनों केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दिए गए लिखित और मौखिक आश्वासनों के साथ-साथ लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में वांगचुक ने अन्न-जल ग्रहण किया। इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि देश को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए।

दरअसल, सोनम वांगचुक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अनशन समाप्त करने की जानकारी साझा करने के तुरंत बाद राजनीतिक घमासान मच गया। महुआ मोइत्रा ने वांगचुक की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। महुआ मोइत्रा ने लिखा कि जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की बातें आपको शांत कर सकती हैं, लेकिन देश के युवाओं की संतुष्टि के लिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र विकल्प है।

वांगचुक ने बताया था कि विभिन्न दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर या पत्र भेजकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था ताकि देश में संभावित हिंसा रोकी जा सके। इस पर मोइत्रा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का रुख शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अडिग है।

क्या-क्या मिले आश्वासन?

केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और आंदोलन के अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण भरोसा जताया।

सोनम वांगचुक से वार्ता में बने मुख्य सहमति बिंदु:

प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे होंगे वापस: केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने आश्वासन दिया कि 20 जुलाई, 2026 को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले और 'संसद मार्च' में शामिल हुए निर्दोष छात्रों पर पुलिस केस दर्ज न करने को लेकर सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है।

संसद में चर्चा और मुआवजा: सरकार ने संसद के चालू सत्र में नीट धांधली पर पूर्ण चर्चा कराने और पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को उपयुक्त आर्थिक मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का वादा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया: अनशन खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत जताते हुए कहा कि वह सोनम वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह मानने और स्वास्थ्य सुधारने की अपील करते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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