देश

महाराष्ट्र में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, वोटर लिस्ट विवाद में ECI से मांगा जवाब, 5 नवंबर को सुनवाई

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। अदालत ने फिलहाल SIR पर रोक लगाने से इनकार करते हुए अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की है।

Image

Maharashtra SIR: वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम हटाने के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को भेजा नोटिस।

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (26 अक्टूबर) को सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में चुनाव आयोग (ECI), केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। हालांकि, अदालत ने फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर रोक लगाने या दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह याचिका अरुण आनंदगिरी की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी. दातार ने अदालत में दावा किया कि महाराष्ट्र में एसआईआर के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

दलील के मुताबिक, राज्य में करीब 9.79 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 2.07 करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि करीब 1.22 करोड़ मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancies) के आधार पर हटाए गए हैं। ये याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में रखे गए दावे हैं।

मुंबई-पुणे में मतदाताओं के नाम कटने पर क्या दलील दी गई?

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मुंबई और पुणे में पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण कई लोग अस्थायी रूप से अपने घरों से दूसरी जगह चले गए हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम भी कथित तौर पर 'व्यक्ति नहीं मिला' (Person Not Found) के आधार पर सूची से हटा दिए गए।

उन्होंने दलील दी कि जिन मतदाताओं के नाम पहले से वोटर लिस्ट में थे, उन्हें दोबारा पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने को कहा जा रहा है, जबकि यह फॉर्म नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। वकील ने ऐसे मतदाताओं के लिए अलग फॉर्म जारी करने की मांग की।

किसी पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा: सीजेआई सूर्यकांत

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आश्वासन दिया कि हटाए गए मतदाताओं के दोबारा आवेदन करने पर उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से यह चिंता जताई गई थी कि फॉर्म-6 में पहले मतदान नहीं करने संबंधी घोषणा करनी होती है, जो पुराने मतदाताओं के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।

वहीं, अदालत ने तत्काल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाने या अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया। पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग का पक्ष सुने बिना ऐसा आदेश देना उचित नहीं होगा।

5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 5 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है। अब चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब के बाद अदालत इस मामले में आगे विचार करेगी। याचिका में महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल, अदालत ने पुनरीक्षण प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article