Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में स्पीकर के फैसले से शिवसेना का दोनों गुट खुश नहीं है। यही कारण है कि उद्धव गुट जहां सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, वहीं शिंदे गुट ने हाईकोर्ट का रूख किया है। उद्धव ठाकरे जहां असली शिवसेना वाली थ्योरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है तो शिंदे, उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्य नहीं करने के खिलाफ कोर्ट पहुंचा है।
उद्धव गुट की मांग
जून 2022 में विभाजन के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के गुट को “वास्तविक राजनीतिक दल” घोषित करने के विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के आदेश को चुनौती देते हुए शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।
शिवसेना में स्पीकर का फैसला
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि जून 2022 में जब पार्टी विभाजित हुई, तो शिंदे समूह को शिवसेना के कुल 54 विधायकों में से 37 का समर्थन प्राप्त था। निर्वाचन आयोग ने 2023 की शुरुआत में शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को ‘शिवसेना’ नाम और ‘तीर-धनुष’ चुनाव चिह्न दिया था। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और प्रतिद्वंद्वी ठाकरे गुट द्वारा एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर अपने आदेश में नार्वेकर ने कहा था कि शिवसेना (यूबीटी) के सुनील प्रभु 21 जून 2022 (जब पार्टी विभाजित हुई) से सचेतक नहीं रहे और शिंदे गुट के विधायक भरत गोगावले अधिकृत सचेतक बने।
शिंदे गुट की मांग
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराने संबंधी राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले को चुनौती देते हुए बम्बई उच्च न्यायालय का रुख किया है। सत्तारूढ़ शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावले की ओर से 14 विधायकों के खिलाफ 12 जनवरी को याचिकाएं दायर की गईं। इन याचिकाओं में कहा गया है कि वह विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर द्वारा प्रतिद्वंद्वी गुट के विधानसभा सदस्यों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने संबंधी 10 जनवरी के आदेश की वैधता और औचित्य को चुनौती दे रहे हैं।
अयोग्यता पर स्पीकर का फैसला
अयोग्यता याचिकाओं पर अपने फैसले में 10 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिद्वंद्वी खेमों के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया था। विधानसभाध्यक्ष ने शिंदे सहित सत्तारूढ़ खेमे के 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने की ठाकरे गुट की याचिका को भी खारिज कर दिया था।
