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Festive Sale में '50% Discount Offer' झांसा तो नहीं? ऐसे करें असली और फर्जी छूट की पहचान

Festive Sale Fake Discount Alert: फेस्टिव सीजन में शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को कई ऑफर्स दिए जाते हैं। ऐसे में '50% Discount' वाला ऑफर फर्जी है या असली इसकी जांच करना जरूरी है।

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फेस्टिव सेल में मिल रहा डिस्काउंट कहीं फेक तो नहीं (AI Generated Image)

Festive Sale Fake Discount Alert: फेस्टिव सीजन (Festive Season) में ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजारों में कई तरह की सेल शुरू हो जाती हैं। ई-कॉमर्स वेबसाइट से लेकर बड़े शोरूम तक 50 से 70% तक डिस्काउंट देने का दावा करते हैं। ऐसे ऑफर्स (50% Discount Offer) देखकर ग्राहक भी खरीदारी के लिए आकर्षित होते हैं। लेकिन क्या हर बार मिलने वाला डिस्काउंट हकीकत में उतना ही फायदेमंद होता है, जितना ऐड में दिखाया जाता है? कई बार सामान की कीमत पहले बढ़ा दी जाती है और फिर उस पर भारी छूट दिखाकर ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है। ऐसे में खरीदारी से पहले असली कीमत और पुराने प्राइस की जांच करना जरूरी है-

प्राइस हिस्ट्री चेक करें

ऑनलाइन सामान खरीदते समय प्रोडक्त की पुरानी कीमत जानने के लिए प्राइस ट्रैकिंग टूल इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए Price History और Keepa जैसे टूल कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट की कीमतों में हुए बदलाव का रिकॉर्ड दिखाते हैं। Amazon पर मिलने वाले प्रोडक्ट के लिए Keepa का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पता चलता है कि सेल से पहले सामान की कीमत कितनी थी और क्या मौजूदा ऑफर वास्तव में सस्ता है।

दूसरी वेबसाइट पर चेक करें प्राइस

किसी एक वेबसाइट पर 50% डिस्काउंट देखकर तुरंत ऑर्डर न करें। उसी प्रोडक्ट का मॉडल नंबर या नाम दूसरी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर सर्च करें। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली कीमतों की तुलना करें। अगर एक वेबसाइट पर सामान 5,000 रुपये का है और दूसरी पर वही प्रोडक्ट 3,800 रुपये में मिल रहा है तो डिस्काउंट के दावे को समझना आसान होगा।

MRP और सेलिंग प्राइस का अंतर समझें

कई बार प्रोडक्ट की MRP और उसकी वास्तविक बाजार कीमत में काफी अंतर होता है। उदाहरण के लिए किसी सामान की MRP 10,000 रुपये है और उस पर 50प्रतिशत छूट दिखाकर 5,000 रुपये में बेचा जा रहा है। लेकिन अगर वही सामान पहले भी 5,200 रुपये में मिल रहा था तो वास्तविक बचत सिर्फ 200 रुपये की ही होगी।

बैंक ऑफर को डिस्काउंट न समझें

कई सेल में बैंक कार्ड, कूपन और कैशबैक के जरिए अतिरिक्त छूट दी जाती है। ऐसे में पहले प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत देखें और फिर बैंक ऑफर की शर्तें पढ़ें। न्यूनतम खरीदारी, कैशबैक की सीमा और प्रोसेसिंग फीस जैसी बातों को भी समझें।

खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा प्रोडक्ट का सही मॉडल नंबर, कीमत, रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी चेक करें। सिर्फ बड़े डिस्काउंट के लालच में गैरजरूरी सामान न खरीदें।असली बचत तभी होती है जब आप किसी जरूरी सामान को उसकी सामान्य बाजार कीमत से कम में खरीदते हैं।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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