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ट्विशा शर्मा के पति समर्थ को CBI ने कस्टडी में लिया, मां गिरिबाला सिंह को मिली जमानत का विरोध कर रही एजेंसी

Samarth Singh in CBI Custody: ट्विशा के परिवार के वकील का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया कि पुलिस ने समर्थ को सीबीआई के हवाले कर दिया है, अब 29 तारीख तक समर्थ सीबीआई की कस्टडी में रहेगा।

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ट्विशा शर्मा के पति समर्थ को CBI ने कस्टडी में लिया, मां गिरिबाला सिंह को राहत, मिली जमानत

Twisha Sharma Case: पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उनके पति समर्थ सिंह को अपनी कस्टडी में ले लिया है। SIT ने ट्विशा के पति समर्थ को कोर्ट में पेश किया। कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के SHO सुनील कुमार दुबे ने कहा, 'हमने आरोपी को पेश कर दिया है... और केस CBI को सौंप दिया है। CBI ने केस से जुड़े सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।'

ट्विशा के परिवार के वकील का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया, 'एक सामान्य प्रक्रिया हुई, पुलिस ने समर्थ को सीबीआई के हवाले कर दिया है, अब 29 तारीख तक समर्थ सीबीआई की कस्टडी में रहेगा, अब सीबीआई चाहे तो 29 तारीख को रिमांड बढ़वा सकती है।'

सरकारी वकील ने रखी ये दलीलें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ट्विशा मौत मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को लेकर सुनवाई के दौरान एमपी सरकार ने निचली अदालत के फैसले पर सवाल उठाए। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि निचली अदालत ने जल्दबाजी में अग्रिम जमानत दी और केस की मेरिट पर टिप्पणी करते हुए “मिनी ट्रायल” कर दिया, जो न्यायोचित नहीं था। सरकार की ओर से कहा गया कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत की पहली शर्त का ही उल्लंघन किया और जांच में सहयोग नहीं किया। कई बार नोटिस देने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुईं। यहां तक कि जब पुलिस नोटिस तामील कराने पहुंची तो वह घर पर नहीं मिलीं। बाद में व्हाट्सएप पर जवाब दिया गया कि वह आउट ऑफ स्टेशन हैं, लेकिन इसके बाद भी जांच में शामिल नहीं हुईं।

ट्विशा के शरीर पर कुल सात चोटों के निशान- सरकारी वकील

सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि मृतका ट्विशा के शरीर पर कुल सात चोटों के निशान मिले थे। एल्बो और सिर पर चोटें थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये चोटें फांसी से उतारते समय लगीं या फिर मारपीट और हाथापाई के दौरान। सरकारी पक्ष ने कहा कि बॉडी उतारते समय ऐसी चोटें लगना संभव नहीं है और चोटों से स्कफल की आशंका जाहिर होती है। साथ ही यह भी कहा गया कि एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी गई, जबकि बयान में शादी के बाद दहेज मांगने और प्रताड़ना के आरोप दर्ज हैं।

20 लाख रुपये के शेयर हथियाना चाहते थे समर्थ और गिरिबाला

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद दहेज को लेकर ताने दिए जाते थे। वियतनाम से लौटने के बाद प्रताड़ना बढ़ गई थी। पिता के मुताबिक बेटी के पास करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे, जिन्हें समर्थ और उसकी मां गिरिबाला अपने नाम करना चाहते थे। आरोप यह भी है कि ट्विशा को खर्च के लिए पैसे नहीं दिए जाते थे, उसके चरित्र पर सवाल उठाए गए और उसका अबॉर्शन कराया गया। सरकारी वकील ने कोर्ट से पूछा कि इन तथ्यों के बावजूद क्या अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए थी।

गिरिबाला सिंह की वकील ने क्या दलीलें रखीं

वहीं गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन ने दलीलें रखते हुए कहा कि कोर्ट के सामने सारे तथ्य नहीं रखे गए। उन्होंने कहा कि घटना के करीब 20 मिनट के भीतर गिरिबाला ट्विशा को लेकर अस्पताल पहुंच गई थीं और जितनी जल्दी संभव था, मदद की गई। उन्होंने कहा कि अगले दिन पुलिस ने घर को क्राइम सीन मानते हुए सील कर दिया था, ऐसे में सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप पूरी तरह गलत है। मा-बेटे दोनों ने सीलिंग के दौरान पुलिस का सहयोग किया।

गिरिबाला को पुलिस का कोई नोटिस नहीं मिला

बचाव पक्ष ने कहा कि गिरिबाला को पुलिस का कोई नोटिस नहीं मिला। रात ढाई बजे व्हाट्सएप पर नोटिस भेजना उचित प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। नित्या रामकृष्णन ने कहा कि उन्होंने पुलिस से दिन में किसी भी समय पूछताछ करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी कहा कि 63 वर्षीय महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है और वह किसी भी तरह से क्राइम सीन में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।

दहेज हत्या के आरोपों को भी खारिज किया

बचाव पक्ष ने दहेज हत्या के आरोपों को भीखारिज किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ व्हाट्सएप चैट और दो लाख रुपये मांगने के आरोप के आधार पर दहेज मृत्यु का मामला नहीं बनाया जा सकता। नित्या रामकृष्णन ने कोर्ट को बताया कि ट्विशा ने किसी चैट में गिरिबाला पर कोई आरोप नहीं लगाया था, बल्कि पति समर्थ का नाम लिया था। उन्होंने दावा किया कि गिरिबाला ने छह महीने में ट्विशा को डेढ़ लाख रुपये दिए थे, जबकि समर्थ ने सात लाख रुपये से अधिक खर्च किए।

ट्विशा ने खुद अबॉर्शन कराने की जताई थी इच्छा

बचाव पक्ष के मुताबिक ट्विशा अपनी शादी से खुश नहीं थीं और उनकी शिकायतें मुख्य रूप से पति से थीं। उन्होंने यह भी कहा कि गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर ट्विशा अपने माता-पिता के साथ थीं और बाद में अस्पताल में उन्होंने खुद अबॉर्शन कराने की इच्छा जताई थी।

CBI टीम जांच के सिलसिले में भोपाल में ट्विशा के ससुराल पहुंची

CBI की एक टीम ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को भोपाल स्थित उनके ससुराल पहुंची। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की टीम कुछ महिला कर्मियों के साथ कटारा हिल्स इलाके में सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। इस दौरान कई मीडियाकर्मी भी वहां पहुंचे, लेकिन उन्हें घर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

अधिकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम इसके बाद पुराने शहर के शाहजहानाबाद क्षेत्र में आर्मी कैंटोनमेंट कुरुक्षेत्र मैस पहुंची, जहां ट्विशा के परिजन ठहरे हुए हैं। सीबीआई ने सोमवार को त्विषा की मौत के मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। बता दें कि ट्विशा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उसके ससुराल में कथित तौर पर फंदे से लटका मिला था। एजेंसी ने ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी ने राज्य पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी को प्रक्रिया के तहत अपने मामले के रूप में पुनः दर्ज किया है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। वहीं, CBI गिरिबाला सिंह को मिली जमानत का विरोध कर रही है। इसपर सुनवाई चल रही है, जल्द फैसला आ सकता है।

क्या है मामला?

सीबीआई ने राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु के लिए दंड), 85 (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता) और 3(5) (साझा इरादा) के अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

भोपाल पुलिस ने त्विषा की मौत के दो दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की थी। ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के समय दिए गए दहेज से असंतुष्ट ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते थे। उन्होंने ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे त्विषा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।

हालांकि, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने कई मीडिया साक्षात्कारों में त्विषा की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। समर्थ सिंह को 10 दिन तक फरार रहने के बाद शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था। भोपाल की एक अदालत ने शनिवार को उसे सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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