LPG Price Hikes: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख शरद पवार ने बढ़ती महंगाई को लेकर रविवार को केंद्र सरकार की आलोचना की और दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं की बार-बार बढ़ रही कीमतों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसके लिए सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि महंगाई के कारण देश भर के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाया कि मूल्य वृद्धि नियंत्रण में है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर महंगाई के संबंध में अपने पहले के रुख से पलटने का आरोप लगाया और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अब आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के प्रति वैसी चिंता नहीं दिखा रही है, जैसी उसने विपक्ष में रहते हुए दिखाई थी।
गैस की कितनी बढ़ी कीमत?
घरेलू रसोई गैस के दाम में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है, जब घरेलू एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि होने के बाद सात मार्च को प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
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एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ''प्रधानमंत्री कहते हैं कि महंगाई को नियंत्रित किया जा रहा है। यदि यही नियंत्रण है, तो इसका मतलब लोगों को किस्तों में झटके देना है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।'' कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया वृद्धि को लेकर केंद्र और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों की आलोचना की।
वडेट्टीवार ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) शासन के दौरान जब भी रसोई गैस की कीमतें बढ़ाई जाती थीं, भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद से ईंधन और एलपीजी की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बावजूद वे चुप हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है और पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी की कीमतों में भी हाल के वर्षों में कई बार संशोधन हुए हैं।
