Lalu Family in Trouble: दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ लैंड फॉर जॉब यानि ‘जमीन के बदले नौकरी’ मामले में दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। मामले में CBI द्वारा दाखिल फाइनल चार्जशीट (Conclusive Chargesheet) पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, हेमा यादव और तेजप्रताप यादव समेत सभी आरोपियों को समन जारी किया है।
लालू के अलावा उनकी बेटी और बेटे को समन जारी
लालू प्रसाद की बेटी हेमा यादव और तेजप्रताप यादव को भी राऊज एवेन्यू कोर्ट ने समन जारी किया। CBI ने लालू यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी।
इस मामले में लालू यादव पर क्या है आरोप?
आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए घोटाला किया इसके तहत रेलवे में नौकरी देने के नाम पर लालू प्रसाद यादव ने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराई गई. जमीनों के बदले मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में रेलवे जोन में नौकरियां दी गईं। बता दें, अदालत ने शुक्रवार को इस पर फैसला सुरक्षित रखा था। विशेष जज विशाल गोगने को उसी दिन निर्णय देना था, लेकिन सीबीआई की ओर से कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देने के बाद सुनवाई टाल दी गई थी।
अदालत को सीबीआई ने दी थी ये जानकारी
सीबीआई ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि उन्हें लोक सेवक आर. के. महाजन के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक स्वीकृति मिल गई है। इससे पहले, 16 जनवरी को अदालत ने कहा था- यदि 30 जनवरी तक महाजन के खिलाफ स्वीकृति नहीं मिलती है, तो सक्षम अधिकारी को इसका स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।
बता दें कि यह मामला पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर जोन में 2004 से 2009 के बीच ग्रुप-डी पदों पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा है। आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान उम्मीदवारों से उनके परिवार या सहयोगियों के नाम पर जमीन हस्तांतरित करवाई गई थी और इसके बदले में उन्हें रेलवे में नौकरियां दी गईं। सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिल चुकी है। अदालत आज इस मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकती है।
