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लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि: अमित शाह से लेकर प्रियंका गांधी तक... देश के दिग्गज नेताओं ने दी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 1904 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे वर्ष 1964 से 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। ताशकंद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी। शास्त्री जी को उनकी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए हमेशा याद किया जाता है।

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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन पर देश के दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि।(फोटो सोर्स: istock)

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Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: देश के दूसरे प्रधानमंत्री और ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की आज पुण्य तिथि है। 11 जनवरी 1966 को उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एवं 'भारत रत्न' लाल शास्त्री जी की स्मृति में उन्हें कोटि-कोटि नमन। संकट के समय 'जय युवा, जय किसान' का उद्घोष कर शास्त्री जी ने देश के स्वावलंबन और सुरक्षा का सुंदर समन्वय बनाया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले गुदड़ी के लाल शास्त्री जी ने 1965 के युद्ध में भारत को विजय दिलाने के लिए अपना दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व दिया। उनका संपूर्ण जीवन हर एक भगवान के लिए प्रेरणा है।"

शास्त्री जी की राष्ट्रसेवा प्रेरणादायक: प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक देश में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपने विचारों और नेतृत्व से देशवासियों को एकता और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाया। प्रियंका गांधी ने लिखा कि ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर शास्त्री जी ने देश को सुरक्षा और समृद्धि का मार्ग दिखाया। उन्होंने शास्त्री जी की सादगी, परिश्रम, विनम्रता और राष्ट्रसेवा की भावना को हर पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

कठिन परिस्थितियों में शास्त्री जी ने कुशल नेतृत्व प्रदान किया: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शास्त्री जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका दिया गया नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश के आत्मविश्वास, साहस और श्रम का प्रतीक है। खड़गे ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में शास्त्री जी ने कुशल नेतृत्व प्रदान किया, किसानों के सम्मान को नई मजबूती दी और 1965 के युद्ध के दौरान भारत के संकल्प को दुनिया के सामने स्पष्ट किया।

वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शास्त्री जी के साहसी नेतृत्व और सुधारों को याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने चुनौतीपूर्ण दौर में देश का मार्गदर्शन किया और कृषि, पोषण व राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाले अहम सुधार किए। उनका नारा सैनिकों और किसानों—दोनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। बीजेपी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जय युवा-जय किसान' के उद्घोषक, पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री जी की स्मृति पर शत्-शत् नमन।"

ताशकंद समझौते के बाद हुआ था निधन

गौरतलब है कि लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 1904 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे वर्ष 1964 से 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। ताशकंद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी। शास्त्री जी को उनकी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए हमेशा याद किया जाता है। वे ऐसे नेता थे जो जनता की भाषा समझते थे और जिन्होंने भारत को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया।

अपनी साफ-सुथरी छवि और सादगी के लिए प्रसिद्ध शास्त्री ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद नौ जून 1964 को प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। वह करीब 18 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में भारत ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी।

देश-दुनिया के इतिहास में 11 जनवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्‍वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है :-

1569 : इंग्लैंड में पहली लॉटरी की शुरुआत।

1613 : मुगल बादशाह जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में फैक्टरी लगाने की अनुमति दी।

1922 : डायबिटीज के मरीजों को पहली बार इंसुलिन दी गई। 1942 : द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने कुआलालंपुर पर कब्जा किया।

1954 : बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्‍यार्थी का जन्‍म।

1962 : पेरू के उत्तरी-पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र में पत्थरों और बर्फ की बड़ी-बड़ी चट्टानों के सरकने से कई गांव और शहर उसकी तह के नीचे दब गए, घटना में कम से कम दो हज़ार लोगों की मौत हुई।

1966 : तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री का ताशकंद में निधन। वह वहां पाकिस्तान के साथ शिखर बैठक में हिस्सा लेने गए थे।

1972 : बांग्लादेश को पूर्वी जर्मनी ने मान्यता प्रदान की।

1998 : अल्जीरिया की सरकार ने दो गांवों पर हुए हमलों के लिए इस्लामी चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया। इन हमलों में 100 लोगों की मौत हो गई थी।

2001 : भारत और इंडोनिशया के बीच पहली बार रक्षा समझौता।

2021 : विरासत संरक्षण समिति ने भारत के नए संसद भवन के निर्माण को मंजूरी दी।

2023 : अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) में कंप्यूटर की खराबी के बाद अमेरिका में सैकड़ों विमानों की आवाजाही ठप हो गई।

2024: शेख हसीना ने पांचवी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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