West Bengal Governor in Delhi: कोलकाता के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमरा गई है। डॉक्टर सभी दोषियों को गिरफ्तार करने और अपनी सुरक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी बीच राज्य में सियासी हलचल लगातार बढ़ रही है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और वाम दल ममता सरकार पर हमलावर हैं राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद के दिल्ली दौरे ने इस कयासबाजी को बढ़ा दिया है। बोस यहां राष्ट्रपति के साथ मुलाकात में ताजा हालात की जानकारी दे सकते हैं।
राज्यपाल पहुंचे दिल्ली
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस सोमवार रात दिल्ली पहुंचे और अटकलें हैं कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना की जांच में गड़बड़ी और मामले को दबाने के आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं और पूरे देश में चिकित्सकों ने हड़ताल कर दी है। राज्यपाल ने गुरुवार को अस्पताल का दौरा किया था और प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टर से बात की और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया था। बोस के आज मंगलवार को दिल्ली में मुर्मू से मिलने की संभावना है।
डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी
इस बीच दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। आज प्रदर्शनकारी हाथों में काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन प्रदर्शनकारियों ने ‘वी वांट जस्टिस’का संदेश लिखी राखियां बांधीं। कोलकाता पुलिस के जवान भी प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों को राखी बांधते देखे गए। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद रक्षाबंधन के मौके पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां कई महिला डॉक्टर, एलजीबीटीक्यू समुदाय के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने राज्यपाल को राखियां बांधीं। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण का लक्ष्य हासिल होने तक उनके प्रयासों का समर्थन करने का संकल्प लिया।
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई 20 अगस्त की वाद सूची के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी। यह सुनवाई सुबह साढ़े 10 बजे हो सकती है। इस बीच, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर स्वत: संज्ञान मामले में उसे भी पक्षकार बनाए जाने का अनुरोध किया।
