जम्मू: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (गांधी) राजनीतिक रूप से विफल हो गए हैं और दावा किया कि उनके राजनीतिक करियर को चमकाने के लिए अडानी मुद्दा (Adani issue) जानबूझकर उठाया जा रहा है। रिजिजू ने कांग्रेस पर न्यायपालिका को कमजोर करने का भी आरोप लगाया और कहा कि यदि विपक्षी दल न्यायपालिका पर हमला करके संविधान की ‘धज्जियां उड़ाने’ की कोशिश करता है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
किरेन रिजिजू ने यहां जम्मू विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि मैं इस पर (हिंडनबर्ग-अडाणी मुद्दे पर) कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उच्चतम न्यायालय पहले ही एक समिति का गठन कर चुका है और इस पर विचार कर रहा है, लेकिन मैं (इतना जरूर) कहना चाहता हूं कि यह सब राहुल गांधी के राजनीतिक करियर को चमकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे 'जानबूझकर' एक मुद्दा बनाया जा रहा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि देश संविधान और कानून से चलता है। एक व्यक्ति राजनीतिक रूप से विफल हो चुका है और वे विवाद खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके करियर को चमकाने के लिए इसे मुद्दा बना बना रहे हैं। किरेन रिजिजू भाषा में भारत के संविधान के पहले संस्करण का विमोचन करने के लिए यहां आए थे।
वर्ष 2019 के आपराधिक मानहानि के एक मामले में गांधी को दोषी ठहराने वाले सूरत के न्यायाधीश की जीभ काटने की कांग्रेस के एक नेता की कथित धमकी के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस हताशा में है और न्यायपालिका पर हमले कर रही है, लेकिन सरकार चुप नहीं बैठेगी।
गांधी को ‘मोदी उपनाम’ संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर दोषी ठहराये जाने और दो साल की सजा दिये जाने के बाद पिछले महीने लोकसभा की सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया गया था। कानून मंत्री ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका को धमकियां देना कांग्रेस की आदत है। वर्ष 1975 में आपातकाल लागू होने से पहले भी इसके नेताओं ने न्यायपालिका पर हमला किया था और वे अपनी हताशा के कारण और हमले करेंगे।
किरेन रिजिजू ने कहा कि हम संविधान को मानने वाले लोग हैं और अगर वे संविधान की धज्जियां उड़ाने की कोशिश करते हैं तो हम चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सही कहा है कि वंशवादी राजनीति से जुड़ा व्यक्ति खतरे में है, लोकतंत्र नहीं। ब्रिटेन में गांधी की हालिया टिप्पणी को लेकर उनपर निशाना साधते हुए शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कहा था कि खतरे में लोकतंत्र नहीं, बल्कि आपका परिवार और वंशवाद की राजनीति का विचार खतरे में है।
