Pahalgam Terror Attack Victims: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की हत्या के एक दिन बाद, पीड़ितों के परिवारों ने इस नृशंस कृत्य के अपराधियों के लिए कठोर सजा की मांग की है। हमले में मारे गए नीरज उधवानी के चाचा भगवान दास ने कहा कि आतंकवादियों को मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो।
उन्होंने एएनआई से कहा, 'आतंकवादी हमले में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी भी वहां थीं, वह सुरक्षित हैं। वे वहां छुट्टियां मनाने गए थे... हम सरकार से मांग करते हैं कि आरोपियों को मार दिया जाए... मैं कहता हूं कि आतंकवादी को, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो, मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए।'
पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित अतुल मोने की भाभी राजश्री अकुल ने भी मांग की कि सरकार अविलंब आतंकवादियों को कड़ी सजा दे।
उन्होंने कहा, 'हमें पता चला है कि वह (अतुल मोने) हमले में मारा गया। उसे पेट में गोली लगी थी। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आतंकवादियों को बिना देरी के कड़ी सजा मिलनी चाहिए।'
आतंकवादियों ने 58 साल की सुशील नथानियल की भी गोली मारकर हत्या कर दी, जो ईस्टर मनाने के लिए अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे।
उनके चचेरे भाई संजय कुमरावत ने बताया, 'हमने सुशील नथानिएल की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की है। उन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों ने सुशील का नाम पूछा और उसे घुटने टेकने के लिए मजबूर किया, फिर उन्होंने उससे कलमा (इस्लामी आस्था को व्यक्त करने वाला वाक्यांश) पढ़ने के लिए कहा। जब सुशील ने कहा कि वह कलमा नहीं पढ़ सकता, तो आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी।'
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुमरावत ने कहा, 'कश्मीर में कायराना हमला कर 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बने।'
