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15 साल पुराने मामले में बढ़ेंगी माफिया मुख्तार की मुश्किलें, कपिल देव सिंह हत्या मामले में आ सकता है फैसला

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  • Updated May 19, 2023, 12:28 PM IST

Mukhtar Ansari news : 20 मई को मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के एक और केस में फैसला आना है। ये केस साल 2009 में गाजीपुर में हुई कपिल देव सिंह की हत्या से जुड़ा है। मुख्तार अंसारी पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि मुख्तार ने जेल में रहते हुए कपिल देव सिंह की हत्या करवाई थी।

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2009 में हुई थी कपिल देव सिंह की हत्या।

Photo : PTI

Mukhtar Ansari news : गैंगस्टर से नेता बने माफिया मुख्तार अंसारी की मुश्किलें फिलहाल कम नहीं होने वाली हैं। कपिल देव सिंह हत्या मामले में उसके खिलाफ शनिवार को फैसला आ सकता है। इस हत्या मामले में मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट में केस चल रहा है। मुख्तार को कपिलदेव सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी बनाया गया है। करंडा थाना क्षेत्र के सुआपुर में कपिल देव सिंह नाम के शख्स की हत्या हुई थी।

एक केस में बरी हुआ मुख्तार

हालांकि दो दिन पहले हत्या की कोशिश के एक पुराने केस में मुख्तार अंसारी गाजीपुर कोर्ट से बरी कर दिया गया। लेकिन इस फैसले के बाद भी मुख्तार जेल की सलाखों से बाहर नहीं आने वाला है। 20 मई को मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के एक और केस में फैसला आना है। ये केस साल 2009 में गाजीपुर में हुई कपिल देव सिंह की हत्या से जुड़ा है। मुख्तार अंसारी पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि मुख्तार ने जेल में रहते हुए कपिल देव सिंह की हत्या करवाई थी।

पिछले 15 सालों से जेल में बंद है मुख्तार

इससे पहले 2007 के गैंगस्टर केस में पिछले महीने मुख्तार को 10 साल सजा सुनाई जा चुकी है। इसलिए फिलहाल मुख्तार का जेल से बाहर आना संभव नहीं दिख रहा। मुख्तार अंसारी पिछले 15 सालों से जेल में बंद है। लेकिन जेल में बंद रहने के दौरान भी उसकी माफियागिरी कभी बंद नहीं हुई। मुख्तार के इशारे पर उसके शूटर्स लोगों को मारते रहे। इन्हीं शूटर्स के दम पर ही मुख्तार हजारों करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी का मालिक बन गया।

करंडा थाने में केस दर्ज हुआ

दरअसल, 2009 में मुहम्मदाबाद कोतवाली में धारा 307 के तहत एक मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद इस मामले में अंसारी को सह अभियुक्त बनाया गया और उसके खिलाफ 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। उसी समय कपिल देव सिंह के मामले में भी करंडा थाने में केस दर्ज हुआ था। इन दोनों मामले को लेकर एक गैंग चार्ट बनाया गया था। बताया जाता है कि इस हत्याकांड के समय मुख्तार अंसारी जेल में बंद था, लेकिन उस पर इस केस में भी 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

4 मामलों में मुख्तार को सजा

बताते चलें कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। अभी तक 4 मामलों में अंसारी को सजा सुनाई जा चुकी है। हाल ही में मुख्तार अंसारी को बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय के अपहरण और हत्या मामले में दोषी ठहराया गया। इस मामले में उसे 10 साल कैद की सजा हुई है। इसके पहले 15 दिसंबर 2022 को अंसारी और उसके सहयोगी भीम सिंह को गाजीपुर की गैंगस्टर कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास के पांच मामलों में 10 साल कैद की सजा सुनाई थी।

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