Kailash Mansarovar Yatra- भारत ने आज कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है और इस बारे में सार्वजनिक सूचना जारी की जा सकती है। भारत और चीन पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के दो शेष टकराव बिंदुओं पर सैनिकों की वापसी पूरी करने के बाद संबंधों को सुधारने के प्रयासों के तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।
2020 के बाद से नहीं हुई है यात्रा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम शीघ्र ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे और यात्रा जल्द ही दोबारा शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा, यात्रा इस वर्ष होगी और हम इसकी तैयारियां कर रहे हैं। जल्द ही जनता के लिए अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2020 के बाद से नहीं हुई है।
भारत-चीन ने जताई सहमति
द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से इसी साल जनवरी 2025 में भारत और चीन ने 2020 से बंद कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra 2025) को फिर से शुरू करने का फैसला किया था। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और चीनी विदेश मंत्री मंत्री वांग यी के बीच बैठक के दौरान नई दिल्ली और बीजिंग ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई गई थी।
क्वाड का भविष्य उज्ज्वल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, क्वाड का भविष्य उज्ज्वल है। जायसवाल ने कहा कि क्वाड का भविष्य उज्ज्वल है और वह इस वर्ष के अंत में समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। क्वाड चार देशों का एक समूह है जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, अमेरिका और जापान शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। पिछले कुछ वर्षों में क्वाड ने समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और संपर्क के क्षेत्रों समेत हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कुछ सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए कई पहल की हैं।
हालांकि उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्वाड शिखर सम्मेलन कब होगा। अमेरिका के विलमिंगटन में आयोजित पिछले क्वाड शिखर सम्मेलन में समूह के शीर्ष नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए बड़े कदमों के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का भी आह्वान किया जो राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती हो।
मेहुल चोकसी पर क्या कहा
प्रवक्त रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। चोकसी को भारत सरकार के औपचारिक अनुरोध पर शनिवार को बेल्जियम के एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया था। रणधीर जायसवाल ने कहा, हमारे प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। हम उसके प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि वह देश में मुकदमे का सामना कर सके। चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को वांछित है।
