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झारखंड उपचुनाव: प्रतिष्ठा का विषय बनी डुमरी सीट, 'INDIA' और NDA में छिड़ी आर-पार की लड़ाई

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Sep 3, 2023, 09:29 PM IST

Dumri By-Election 2023: डुमरी सीट पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की ओर से बेबी देवी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठजोड़ की कैंडिडेट यशोदा देवी को टक्कर दे रही हैं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Dumri By-Election 2023: झारखंड में डुमरी विधानसभा सीट पर होने वाला उप-चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। विपक्षी गठबंधन इंडिया और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच में वहां आर-पार की लड़ाई समझी जा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को 'इंडिया' गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है, जबकि ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी ने यशोदा देवी को एनडीए का कैंडिडेट बनाया है।

पांच सितंबर, 2023 को होने वाले उप-चुनाव के लिए रविवार (तीन सितंबर, 2023) को चुनाव प्रचार खत्म हुआ। झामुमो ने दावा किया है कि 'इंडिया' अपनी जीत की यात्रा डुमरी से शुरू करेगा, जबकि एनडीए ने भी भरोसा जताया है कि वह झामुमो से सीट छीनने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऐसे में यह सीट दोनों ही गठबंधनों के लिए लाज और साख का सवाल बन गई है।

इस बीच, झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ झामुमो के समर्थकों ने उपचुनाव से पहले गिरिडीह जिले के जरीडीह में उनकी पार्टी के दो कार्यकर्ताओं (मथुरा सोरेन और जयप्रकाश मंडल) का अपहरण कर लिया। हालांकि, झामुमो ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘आधारहीन’ करार दिया। मरांडी के मुताबिक, ‘‘झामुमो डुमरी उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार की बढ़ती लोकप्रियता से भयभीत हो गई है। राज्य सरकार भय का माहौल बना कर और ताकत के बल पर चुनाव को प्रभावित करना चाहती है।’’

उनका आरोप है, ‘‘गांवों में महिलाओं को धमकाया जा रहा है कि अगर वे राजग उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करती हैं तो उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा।’’ पलटवार में झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य बोले, ‘‘यह डुमरी की जनता को गुमराह करने की कोशिश है क्योंकि उन्होंने एनडीए उम्मीदवार को खारिज कर दिया है।’’ दरअसल, इसी साल अप्रैल में पूर्व मंत्री और झामुमो एमएलए महतो की मृत्यु के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी। महतो साल 2004 से ही इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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