Javed Akhtar News: जावेद अख्तर अक्सर अपने विवादित बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। मशहूर कवि और गीतकार जावेद अख्तर ने फिर कुछ ऐसा कहा है, जिससे उनकी खूब चर्चा हो रही है। बीते गुरुवार (9 नवंबर, 2023) को मनसे पार्टी द्वारा आयोजित एक दिवाली कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भगवान राम और सीता न केवल हिंदू देवी-देवता हैं बल्कि उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत कहा जा सकता है।
राम और सीता के देश में पैदा होने पर जावेद अख्तर को है गर्व
गीतकार ने कहा कि रामायण भारत की सांस्कृतिक विरासत है और उन्हें राम और सीता की भूमि पर पैदा होने पर गर्व है। जावेद अख्तर ने कार्यक्रम के मंच से कहा कि 'कहते हैं राम-सीता भारत में न केवल हिंदुओं (बल्कि हर धर्म के व्यक्ति) की विरासत हैं। मुझे गर्व है कि मैं राम और सीता के देश में पैदा हुआ हूं। राम-सीता भारत के प्रत्येक व्यक्ति (सभी धर्मों) के भगवान हैं।'
भगवान राम और सीता को अख्तर ने बताया भारत की संपत्ति
जावेद अख्तर ने अपने संबोधन में ये कहा कि 'राम और सीता केवल हिंदू देवी-देवता नहीं हैं। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत है।' उन्होंने इस बात का भी दावा किया कि वो नास्तिक हैं, फिर भी राम और सीता को इस देश की संपत्ति मानता हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब हम मर्यादा पुरुषोत्तम की बात करते हैं तो राम और सीता ही याद आते हैं। गीतकार जावेद अख्तर ने लोगों से 'जय सिया राम' के नारे लगाने की अपील की।
जावेद अख्तर ने सुनाया सियाराम से जुड़ा बचपन का किस्सा
गीतकार ने बताया कि मैं लखनऊ से हूं और बचपन से देखता था कि अमीर लोग एक-दूसरे को गुड मॉर्निं करते हैं, लेकिन उस वक्त उन्होंने सड़क से गुजरते एक व्यक्ति को जय सियाराम बोलते सुना। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि सीता और राम को अलग-अलग सोचना पाप है। सियाराम शब्द प्रेम और एकता के प्रतीक हैं।
