देश

जम्मू-कश्मीर: राजौरी के जंगलों में भारतीय जवानों का 'ऑपरेशन शेरुवाली' छठे दिन भी जारी, दो खूंखार आतंकी कमांडर घिरे

Jammu-Kashmir: ​सुरक्षाबलों को जंगलों में लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इस घेराबंदी में पाकिस्तान का पूर्व कमांडो और खूंखार आतंकी इलियास फौजी पूरी तरह घिर चुका है।

Image

जम्मू-कश्मीर: राजौरी के जंगलों में भारतीय जवानों का 'ऑपरेशन शेरुवाली' छठे दिन भी जारी, दो खूंखार आतंकी कमांडर घिरे

Operation Sheruwali: जम्मू-कश्मीर में राजौरी के बेहद ऊंचे और घने जंगलों में भारतीय सुरक्षाबलों का एक ऐतिहासिक और बड़ा सैन्य अभियान चल रहा है, जिसे 'ऑपरेशन शेरूवाली' नाम दिया गया है। पिछले 6 दिनों से लगातार जारी इस कार्रवाई में सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 3 हजार से अधिक जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं। यह पूरा सर्च ऑपरेशन समंदर तल से करीब 10 हजार फीट की दुर्गम ऊंचाई पर चलाया जा रहा है, जहां मौसम और इलाका दोनों ही बड़ी चुनौतियां पेश कर रहे हैं।

दो खूंखार आतंकी कमांडर घिरे, सेना के निशाने पर 'इलियास फौजी'

सुरक्षाबलों को इस इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इस घेराबंदी में पाकिस्तान का पूर्व कमांडो और खूंखार आतंकी इलियास फौजी पूरी तरह घिर चुका है। इसके साथ ही एक और वांटेड आतंकी अबू हमजा भी सुरक्षाबलों के कड़े निशाने पर है। इन दोनों की मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को बेहद संवेदनशील बना दिया है, जिसके चलते भारतीय सेना के घातक पैरा कमांडो (Para Commandos) की नई और फ्रेश टीमों को भी मैदान में उतार दिया गया है।

जंगलों में मिला आतंकियों का बड़ा ठिकाना

सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को घने जंगलों के बीच आतंकियों का एक बहुत बड़ा हाइडआउट (ठिकाना) ढूंढने में कामयाबी मिली है। प्राकृतिक गुफाओं और स्थानीय पहाड़ी ढोकों (कच्चे मकानों) का इस्तेमाल आतंकी छिपने और रसद जमा करने के लिए कर रहे थे। सेना ने इन ठिकानों को ध्वस्त कर वहां से भारी मात्रा में गोला-बारूद, खाने-पीने का सामान और अन्य सामरिक सामग्रियां बरामद की हैं। आतंकियों के भागने के सभी रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।

आसमान से निगरानी और आग की रणनीति

इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आतंकियों पर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है। घने पेड़ों के पीछे छिपे आतंकियों को बाहर निकालने और उनके मूवमेंट को रोकने के लिए कुछ रणनीतिक हिस्सों में घेराबंदी के साथ आग का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा, आसमान से अत्याधुनिक ड्रोन, क्वाडकॉप्टर और सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है। हाईटेक सर्विलांस और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से घने कोहरे और अंधेरे में भी आतंकियों की हर हरकत को ट्रैक किया जा रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!