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जय ईरान, जय हिंद...इजरायल से तनाव के बीच ईरान ने भारत के लोगों का जताया शुक्रिया

ईरानी दूतावास ने कहा, ईरान से साथ खड़े रहने के लिए हम भारत के सभी महान और स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों, सम्मानित नागरिकों, राजनीतिक दलों, संसद के माननीय सदस्यों, गैर-सरकारी संगठनों, धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, मीडिया के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

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ईरान ने जताया भारत के लोगों का शुक्रिया

Iran Thanks Indian People: नई दिल्ली में इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास ने बुधवार (25 जून) को एक बयान जारी कर भारत के लोगों के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई है। इजरायल और अमेरिका के सैन्य अभियान के दौरान एकजुटता दिखाने के लिए ईरान ने भारत के लोगों का शुक्रिया जताया। दूतावास ने हाल के दिनों में ईरान के साथ दृढ़ता और मुखरता से खड़े होने के लिए भारतीय नागरिकों, राजनीतिक दलों, संसद सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों, धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं, शिक्षाविदों, मीडिया कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित भारत के महान और स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों की प्रशंसा की।

ईरानी दूतावास ने क्या-क्या कहा

ईरानी दूतावास ने कहा, जायोनी शासन और अमेरिका द्वारा सैन्य आक्रमण के सामने ईरानी राष्ट्र की जीत के अवसर पर नई दिल्ली में इस्लामी गणराज्य ईरान का दूतावास भारत के सभी महान और स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों, सम्मानित नागरिकों, राजनीतिक दलों, संसद के माननीय सदस्यों, गैर-सरकारी संगठनों, धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, मीडिया के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सभी व्यक्तियों और संस्थानों का ईरान के महान राष्ट्र के साथ दृढ़ता और मुखरता से खड़े रहने के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है।

ईरान की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए दूतावास ने कहा कि देश का प्रतिरोध केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा के बारे में नहीं था, बल्कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवीय सिद्धांतों के उल्लंघन के खिलाफ खड़ा होना भी था। दूतावास ने कहा, इस जबरदस्त आक्रामकता के सामने ईरानी लोगों की दृढ़ता सिर्फ उनकी मातृभूमि और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा नहीं थी, बल्कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर, मानवीय सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत मानदंडों के गंभीर उल्लंघन के खिलाफ़ प्रतिरोध का प्रतीक थी। ईरान के लोगों के साथ दुनिया के देशों की एकजुटता सिर्फ एक राजनीतिक रुख नहीं है - यह न्याय, वैधता और वैश्विक शांति के सार्वभौमिक मूल्यों की पुष्टि है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को बनाए रखने और विस्तारवादी और आक्रामक नीतियों का विरोध करने की जरूरत पर जोर दिया है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रों की एकता और एकजुटता युद्ध, हिंसा और अन्याय के खिलाफ एक शक्तिशाली ढाल के रूप में काम करती है।

एक बार फिर, हम भारत के महान राष्ट्र के लोगों और संस्थाओं द्वारा दिखाए गए वास्तविक और अमूल्य समर्थन के लिए अपनी हार्दिक प्रशंसा व्यक्त करते हैं। निस्संदेह, यह एकजुटता - हमारे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सांस्कृतिक, सभ्यतागत और मानवीय संबंधों में निहित है - शांति, स्थिरता और वैश्विक न्याय के उद्देश्य को और मजबूत करेगी। जय ईरान - जय हिंद।

ईरान-इजरायल संघर्ष

12 दिनों तक चले भारी संघर्ष के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून की देर रात संघर्ष विराम समझौते का ऐलान किया था जिसके बाद इजरायल और ईरान के बीच शांति बनी हुई है। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ था जब इजरायल ने "ऑपरेशन राइजिंग लॉयन" के तहत ईरानी सैन्य और परमाणु स्थलों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया था। ईरान ने जवाब में "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3" शुरू किया, जिसमें इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल थे। इसके बाद अमेरिका ने भी बी-2 बॉम्बर्स से ईरान के परमाणु स्थलों पर बमबारी कर उसे भारी नुकसान पहुंचाया। 24 जून को ट्रंप ने ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर का ऐलान किया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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