सिंगापुर के सैंड्स एक्सपो एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल ट्रेड शो 'ITB एशिया' के नेशनल टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन (NTO) टॉक सेशन में मध्यप्रदेश का डंका बजा। सत्र को संबोधित करते हुए पर्यटन सचिव एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी ने वैश्विक पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों को राज्य का रुख करने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि जो पर्यटक स्थापित और भीड़भाड़ वाले गंतव्यों से अलग हटकर 'ऑथेंटिक, रस्टिक और रॉ एक्सपीरियंस' की तलाश में हैं, उनके लिए मध्यप्रदेश सबसे मुफीद जगह है। डॉ. इलैयाराजा ने जोर देकर कहा कि मध्यप्रदेश न केवल भौगोलिक दृष्टि से, बल्कि अपनी अनूठी सांस्कृतिक विविधता और आत्मीय आतिथ्य के बल पर सही अर्थों में 'अतुल्य भारत का दिल' है।
ओवरटूरिज्म का समाधान हैं अनछुई जगहें
कोविड महामारी के बाद बदलते वैश्विक पर्यटन परिदृश्य का जिक्र करते हुए सचिव डॉ. इलैयाराजा ने नवाचार और खोज पर बल दिया और कहा कि "यदि आवश्यकता आविष्कार की जननी है, तो जिज्ञासा खोज का पिता है।" उन्होंने कहा कि दुनियाभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अत्यधिक भीड़ का मुख्य कारण पर्यटकों का कुछ सीमित स्थानों और सीमित समय पर ही केंद्रित होना है। इसका सबसे प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान पर्यटन मांग का पुनर्वितरण करना और नए और अनछुए ऑफबीट स्थलों की निरंतर खोज करना है।
'वाइल्ड किंगडम' से लेकर यूनेस्को धरोहरों का सशक्त प्रदर्शन
'रीडिस्ट्रिब्यूटिंग डिमांड थ्रू डिस्कवरी' विषय पर प्रस्तुति देते हुए डॉ. इलैयाराजा ने मध्यप्रदेश के समृद्ध पर्यटन सामर्थ्य को दुनिया के सामने रखा। 25 प्रतिशत से अधिक जंगलों से भरे क्षेत्र के साथ मध्यप्रदेश देश का सबसे हरित प्रदेश है। यह 7 प्रमुख जनजातियों और 45 उप-जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का घर है। एमपी देश का प्रमुख 'टाइगर स्टेट' होने के साथ-साथ चीता, लेपर्ड, वल्चर और घड़ियाल स्टेट भी है। पेंच नेशनल पार्क की 'मोगली' और 'द जंगल बुक' की कहानियां, पेंच की 'नेचर वॉक' और ऐतिहासिक ओरछा में बेतवा नदी पर 'रिवर राफ्टिंग' पर्यटकों को खासा आकर्षित करती हैं। राज्य में सांची स्तूप, खजुराहो मंदिर और भीमबेटका के शैलचित्रों सहित 22 यूनेस्को धरोहर स्थल मौजूद हैं। इसके अलावा चंदेरी-महेश्वरी का टेक्सटाइल, गोंड चित्रकला और भोपाल का पारंपरिक जरी-जरदोजी शिल्प अद्वितीय हैं।
ऑफबीट गंतव्यों को जोड़ने के लिए राज्य में 'हेली पर्यटन सेवा' का विस्तार किया जा रहा है। देश का सबसे अनुकूल फिल्म-फ्रेंडली राज्य होने के नाते एमपी ने स्पेनिश फिल्म कमीशन के साथ एमओयू कर अंतरराष्ट्रीय फिल्म पर्यटन को बढ़ावा दिया है। इसके साथ ही महिला सफारी चालकों और ऑल-महिला संचालित होटलों के माध्यम से सुरक्षित व जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्थानीय आतिथ्य का आमंत्रण
डॉ. इलैयाराजा टी ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल कम्युनिटी, एग्जीबिटर्स और टूर ऑपरेटरों को मध्यप्रदेश के अनूठे 'ग्रामीण पर्यटन' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान की असली सुंदरता वहां की इमारतों में नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के सहृदय व्यवहार में छिपी होती है। अंत में, उन्होंने वैश्विक सैलानियों से मध्यप्रदेश के लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने का खास आग्रह किया। उन्होंने मालवा के मशहूर पोहा-जलेबी, चटपटी रतलामी सेव, पारंपरिक दाल-बाफला, मुरैना-ग्वालियर की प्रसिद्ध गजक और नवाबी और बुंदेली स्वाद वाली स्वादिष्ट मटन करी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सुगम हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी, वर्षभर चलने वाले सांस्कृतिक उत्सव और सुरक्षित माहौल सैलानियों की मध्यप्रदेश यात्रा को यादगार बना देंगे।
