कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लंबी लड़ाई करार दिया। उन्होंने संकेत दिया कि संसद का अगला सत्र शुरू होने पर यदि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहते हैं, तो उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
थरूर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “यह लंबी लड़ाई है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब भी विरोध प्रदर्शन होता है, अधिकारियों को जनता की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए और उनकी बात सुननी चाहिए। थरूर की यह टिप्पणी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित हाई-टी बैठक के बाद आई। INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जता रहे हैं।
JNU मामले पर भी बोले थरूर
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से कथित तौर पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में हटाए जाने के मामले पर भी थरूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि JNU शिक्षक संघ की ओर से कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताए जाने की बात सामने आई है। थरूर ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों को समझने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।उन्होंने आरोपों और कार्रवाई के राजनीतिक पहलू का जिक्र करते हुए कहा कि किसी प्रोफेसर को केवल इसलिए पद से हटाना उचित नहीं होगा कि वह कांग्रेस सांसद हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं और मामले की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।
गुजरात में कांग्रेस की हार पर अमित शाह का हमला
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत के बाद कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस लंबे समय से चुनावी सफलता हासिल करने में विफल रही है।नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शाह ने गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के भरोसे का दावा किया। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में आखिरी बार 1985 में चुनाव जीता था और उसके बाद से उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा है।
