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विपक्ष में टूट? बदल गए NCP के सुर, शरद पवार अडानी पर तो भतीजे अजीत EVM पर कांग्रेस के गए खिलाफ

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 8, 2023, 11:24 PM IST

इस समय विपक्ष अडानी के मामले पर सीधे पीएम मोदी पर हमलावर है। राहुल गांधी लगातार अडानी-हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर ​पीएम मोदी को घेर रहे हैं। साथ ही ईवीएम के मुद्दे पर विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है। लेकिन अब इन दोनों मुद्दों पर विपक्षी एकता टूटती दिख रही है।

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विपक्ष में दिखने लगी फूट

Photo : BCCL

Oppostion Unity: पिछले कुछ महीनों से 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को लेकर सभी विपक्षी पार्टियां कोशिश करती दिख रहीं थीं। कांग्रेस इस मामले में पीछे थी और उसने इसके लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार को आगे कर रखा था। राहुल गांधी की सजा और सदस्यता रद्द के मामले पर विपक्षी पार्टियां एक भी दिख रही थीं, लेकिन कुछ दिनों के अंदर ही इस एकता पर सवाल उठ गया है। जिन मुद्दों को लेकर विपक्ष इस समय मोदी सरकार पर हमलावर है, उन्हीं मुद्दों पर शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार ने अलग रूख अपना लिया है।

पलटने लगा खेल

दरअसल इस समय विपक्ष अडानी के मामले पर सीधे पीएम मोदी पर हमलावर है। राहुल गांधी लगातार अडानी-हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर पीएम मोदी को घेर रहे हैं। साथ ही ईवीएम के मुद्दे पर विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है। ईवीएम के मुद्दे पर तो कांग्रेस ने शरद पवार ही विपक्ष को लीड करने की जिम्मेदारी दे रखी थी। विपक्ष इस मामले पर कोर्ट जाने की भी तैयारी कर रहा था, लेकिन अब खेल पलटने लगा है।

अडानी मामले पर शरद पवार ने दिया झटका

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि आजकल अंबानी-अडानी का नाम लिया जा रहा है, लेकिन हमें देश में उनके योगदान के बारे में सोचने की जरूरत है। इससे पहले शरद पवार कांग्रेस के अडानी वाले मामले पर जेपीसी की मांग से भी दूरी बना चुके हैं। शरद पवार ने कहा- "मुझे लगता है कि बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे जैसे अन्य मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं। जो मुद्दे रखे गए, किसने ये मुद्दे रखे, जिन लोगों ने बयान दिए उनके बारे में हमने कभी नहीं सुना कि उनकी क्या पृष्ठभूमि है। जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिससे पूरे देश में हंगामा होता है, तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है, इन चीजों की हम अनदेखी नहीं कर सकते। ऐसा लगता है कि इसे निशाना बनाने के मकसद से किया गया।

चाचा शरद के बाद भतीजे अजीत ने भी कर दिया खेल

शरद पवार ने अडानी के मुद्दे पर जैसे ही कांग्रेस को झटका दिया, भतीजे अजीत पवार भी शनिवार दोपहर सामने आए और ईवीएम के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग स्टैंड दिखा गए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के विपक्ष के नेता अजीत पवार ने शनिवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) भरोसेमंद है। इस सिस्टम को एक व्यक्ति द्वारा हेरफेर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव हारने वाले राजनीतिक दल अक्सर अपने प्रदर्शन के लिए ईवीएम को दोष देते हैं लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि चुनावी हार लोगों का जनादेश है। उन्होंने कहा- "मुझे ईवीएम पर भरोसा है। एक अकेला व्यक्ति ईवीएम में हेरफेर नहीं कर सकता है। यह एक बड़ी प्रणाली है और इसमें कई चीजें शामिल हैं। हालांकि, चुनाव में हार का सामना करने वाली पार्टी वोटिंग मशीन को दोष देती है लेकिन यह समझना चाहिए कि चुनाव परिणाम लोगों का जनादेश है। अगर ईवीएम में खामी होती तो विपक्षी दल छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों में सरकार नहीं बना पाते।"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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