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ईरान की अपील: गाजा पर इजराइली हमले बंद करवाए भारत, अपनी ताकत का करे इस्तेमाल

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 7, 2023, 10:49 AM IST

रायसी ने भारत के साथ संबंधों के बारे में तेहरान के दृष्टिकोण को रणनीतिक बताया और इस क्षेत्र में सहयोग के विकास और देरी की भरपाई के लिए योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

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गाजा पर इजराइल की कार्रवाई

Photo : AP

Israel Hamas War: ईरान ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए भारत से गुजारिश की है। ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान भारत से गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच इजरायली कार्रवाई को समाप्त करने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग करने की गुजारिश की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के अनुसार, रायसी ने पश्चिमी उपनिवेशवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष और दुनिया में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापकों में से एक के रूप में देश की स्थिति को याद किया।

ईरान ने कहा, भारत करे अपनी क्षमता का इस्तेमाल

बयान में कहा गया है, आज, भारत से अपेक्षा की जाती है कि वह गाजा के उत्पीड़ित लोगों के खिलाफ इजराइली अपराधों को समाप्त करने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग करेगा। ईरानी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि तेहरान तुरंत युद्धविराम, नाकाबंदी हटाने और गाजा के उत्पीड़ित लोगों को मदद देने के लिए किसी भी वैश्विक संयुक्त प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, फिलिस्तीनी लोगों की हत्या जारी रहने से दुनिया के सभी स्वतंत्र राष्ट्र गुस्से में हैं और इस हत्या के क्षेत्रीय नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि उत्पीड़ित और निर्दोष महिलाओं और बच्चों की हत्या, अस्पतालों, स्कूलों, मस्जिदों, चर्चों और घरों पर हमले किसी भी नजरिए से निंदनीय और अस्वीकार्य हैं।

फिलिस्तीनी लोगों के प्रतिरोध की निंदा क्यों?

बयान में रायसी के हवाले से कहा गया है, फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूहों को जायोनी (इजराइली) शासन के कब्जे का विरोध करने का वैध अधिकार है और सभी देशों को उत्पीड़न से मुक्ति के लिए फिलिस्तीनी लोगों के संघर्ष का समर्थन करना चाहिए। ऐसा कैसे हुआ कि नाजी जर्मनी के खिलाफ यूरोपीय देशों का संघर्ष एक सराहनीय और वीरतापूर्ण कार्य है, लेकिन बच्चों की हत्या और आपराधिक जायोनी शासन के खिलाफ फिलिस्तीनी लोगों के प्रतिरोध की निंदा की जाती है?

भारत-ईरान संबंधों पर दिया जोर

इस दौरान रायसी ने भारत के साथ संबंधों के बारे में तेहरान के दृष्टिकोण को रणनीतिक बताया और इस क्षेत्र में सहयोग के विकास और देरी की भरपाई के लिए योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उत्तर-दक्षिण गलियारे के महत्व और क्षेत्र के सभी देशों के लिए इसके लाभों पर जोर देते हुए राष्ट्रपति रायसी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत से चाबहार बंदरगाह सहित स्थायी आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए गंभीर निवेश करने की उम्मीद है।

पीएम मोदी ने शांति बहाली पर दिया जोर

बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने तनाव को रोकने, मानवीय सहायता सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने चाबहार बंदरगाह सहित द्विपक्षीय सहयोग में भारत और ईरान की प्रगति का भी स्वागत किया। 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल में हमास द्वारा तबाही मचाने और इजराइल की हमास पर युद्ध की घोषणा के बाद से पीएम मोदी ने विश्व नेताओं के साथ नियमित रूप से टेलीफोन पर बातचीत की है।
अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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