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Indigo Crisis: देशभर में 'हवाई लॉकडाउन'; भारत के सबसे बिजी रूट्स पर कितना बढ़ा किराया? जानें कैसे मुश्किल होते गए हालात

इंडिगो द्वारा सैकड़ों उड़ानें रद्द करने से भारत की घरेलू हवाई यात्रा अस्त-व्यस्त हो गई है। इंडिगो में संकट के बीच अन्य एयरलाइंस पर दबाव बढ़ गया है। इस कारण सबसे व्यस्त हवाई रूट्स पर टिकटों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस कारण जहां यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं देश के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर अफरातफरी वाला माहौल है।

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इंडिगो संकट के बीच आसमान पर पहुंचा हवाई किराया। फोटो- PTI

देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनियों में शुमार इंडिगो में उड़ान पर कटौती से हवाई सफर पर लॉकडाउन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। इंडिगो के परिचालन में आई बड़ी गड़बड़ी ने पूरे सेक्टर की रफ्तार को थाम दिया है। इंडिगो में उड़ानें रद्द होने का सिलसिला चौथे-पांचवें दिन भी जारी है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ा है। हालत यह है कि दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे रूट्स पर हवाई टिकटों के दाम अचानक कई गुना बढ़ गए। कई मुसाफिर तो टिकट की कीमत सुनकर ही वापस लौट गए और कुछ ने मजबूरी में यात्रा टाल दी। आलम यह है कि लोग घरेलू सफर की बजाय विदेशों की यात्रा करने को बेहतर बता रहे हैं।

कई टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म के आंकड़ों में साफ दिख रहा है कि जिन रूट्स पर सामान्य दिनों में 6-8 हजार रुपये में आराम से टिकट मिल जाता था, वहीं अब 50–60 हजार रुपये भी कम पड़ रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के बीच किरायों में ऐसी छलांग देखने को मिल रही है, जिससे यात्रियों को अपने प्लान को कैसिंल करने पर मजबूर कर दिया है।

किस रूट पर इंडिगो संकट के कारण कितना बढ़ा किराया। फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत।

किस रूट पर इंडिगो संकट के कारण कितना बढ़ा किराया। फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत।

हवाई किराए में इतना तेज उछाल क्यों आया?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ उड़ान रद्द होने की सीधी वजह नहीं है, बल्कि इसके पीछे एयरलाइंस के ‘डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम’ का एल्गोरिदम भी है। दरअसल, इंडिगो की उड़ानें रद्द होते ही बाकी एयरलाइंस में सीटें पल भर में भर गईं। इसका नतीजा यह हुआ कि जो टिकट आम दिनों में 6-8 हजार की होती थी, वह अब 50-60 हजार में मिल रही है।

कैसे काम करता है एयरलाइंस का 'डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम'

दरअसल, जब किसी रूट पर बड़ी संख्या में यात्री एक साथ फ्लाइट खोजने लगते हैं, तो बुकिंग एल्गोरिदम इसे उड़ान की मांग में अप्रत्याशित उछाल की तरह देखता है और तुरंत ही किराया अपनी ऊपरी सीमा तक पहुंचा देता है।

IndiGo Passenger

फ्लाइट देरी से परेशान इंडिगो यात्री

शादी के मौसम में इंडिगो संकट से दोहरी मार

इन दिनों शादी-समारोह और क्रिसमस और नए साल से पहले छुट्टियों का दौर चल रहा है। इस समय हवाई रूट वैसे भी काफी व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उड़ानों की मांग तो पहले से ही हाई थी। इस बीच, इंडिगो ने बड़ी संख्या में अपनी उड़ाने रद्द कर अचानक बड़ा गैप बना दिया है। कीमतों में विस्फोट का यह भी एक कारण है।

आखिर इंडिगो किस मुश्किल में फंस गया?

इंडिगो का कहना है कि उसकी मौजूदा परेशानी की जड़ नया लागू हुआ एफडीटीएल (Flight Duty Time Limitations) नियम और पायलट रोस्टर की गड़बड़ी है। नए नियमों से उड़ान चालक दल के विश्राम समय और कार्य घंटे बदल गए, और एयरलाइन समय पर पर्याप्त क्रू जुटाने में फंस गई। इसी का नतीजा हुआ कि उड़ानों का शेड्यूल गड़बड़ा गया और बड़ी संख्या में विमानों को बे में ले जाना पड़ा।

संकट में फंसी इंडिगो।

संकट में फंसी इंडिगो।

डीजीसीए क्या कर रहा?

एयरलाइन ने डीजीसीए को बताया है कि परिचालन पूरी तरह सुचारु होने में अभी समय लगेगा। इसी बीच, डीजीसीए ने अस्थायी राहत देते हुए क्रू रेस्ट से जुड़े नए प्रावधान वापस ले लिए हैं, ताकि स्थिति को स्थिर किया जा सके।

इंडिगो स्टाफ से यात्री परेशान

बेंगलुरू एयरपोर्ट के बाहर मौजूद यात्रियों का एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने इंडिगो एयरलाइन के स्टाफ की शिकायत की और बताया कि उड़ान में देरी होने के बावजूद न तो उन्हें पानी दिया गया और ही खाना। इसके अलावा इस बात की जानकारी भी नहीं दी जा रही थी कि क्या उड़ान रद्द हो गई है या देरी से टेकऑफ करेगी।

फ्लाइट की क्या है स्थिति?

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में हवाईयात्रियों के एक ग्रुप ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, ''...इंडिगो स्टाफ ने कोई डिनर, पानी की बोतलें या कोई अन्य सुविधा नहीं दी। अयप्पा रीति-रिवाजों के अनुसार, हम सुबह और शाम को 41 दिनों की पूजा करते हैं... उन्होंने ऐसा क्यों किया, हमें नहीं पता। अगर कोई तकनीकी समस्या है या कोई और दिक्कत है तो फ्लाइट रद्द कर दें... वे जवाब भी नहीं दे रहे हैं। वे यह भी नहीं बता रहे हैं कि फ्लाइट की क्या स्थिति है, वे बस भाग रहे हैं।''

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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