रत के पास एक से बढ़कर एक ताकतवर मिसाइलें हैं। ये मिसाइलें दुश्मनों के लिए खौफ का दूसरा नाम हैं। टॉप मिसाइलों में ब्रह्मोस, अग्नि-V (ICBM), पृथ्वी मिसाइल, नाग (एंटी-टैंक), और अस्त्र (एयर-टू-एयर), पिनाका सिस्टम, आकाश जैसी प्रमुख मिसाइलें शामिल हैं, जो अपनी गति, रेंज और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता से देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं।
अग्नि-V एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है जिसकी मारक क्षमता 7,000-8,000 किलोमीटर है। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी धमक दुश्मनों की शांत कर देती है। दुश्मन देश पाकिस्तान और चीन के अलावा यह मिसाइल दुनिया के कई देशों तक आसानी से पहुंच सकती है। यह हाइपरसोनिक मिसाइल की स्पीड आवाज की रफ्तार से 24 गुना ज्यादा है, जो 29401 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दुश्मन के लक्ष्य पर सटीक प्रहार कर सकता है।
ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस द्वारा बनाई गई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे वैश्विक स्तर पर अपनी श्रेणी की सबसे घातक और एडवांस मिसाइलों में से एक माना जाता है। इसे जमीन, जहाजों, पनडुब्बियों और विमानों से प्रक्षेपित किया जा सकता है। यह घातक मिसाइल 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन को तबाह करने के लिए उसकी तरफ बढ़ती है। इस क्रूज मिसाइल की मारक क्षमता 290 से 600 किलोमीटर तक है। ऑपरेशन सिंदूर में इस मिसाइल ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों और सेना के एयरबेस पर तबाही मचा दी थी। रूस के सहयोग से बनी इस मिसाइल की पूरी दुनिया में धूम मची हुई है।
इसके अलावा भारत के पास शक्तिशाली पृथ्वी सीरीज (Prithvi Series) की मिसाइलें भी हैं। ये सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें (SSMs) हैं, जिनमें पृथ्वी-I, पृथ्वी-II (250 किमी रेंज), और पृथ्वी-III शामिल हैं। इसकी सटीकता 10–50 मीटर (33–164 फीट) है और इसे ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।
आकाश मिसाइल प्रणाली एक मध्यम दूरी की गतिशील सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है जिसे DRDO द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों और बिंदुओं को आने वाले हवाई खतरों से बचाने के लिए विकसित किया गया है। यह 30 से 45 किमी की रेंज तक अपने किसी भी लक्ष्य को एक झटके में सटीक हमला कर तबाह कर सकता है। यह किसी भी दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की क्षमता रखता है।
भारत के पास स्वदेशी रूप से विकसित मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर पिनाका भी है जो दुश्मनों के बीच खौफ पैदा करता है। यह जीपीएस और आईएनएस तकनीक से लैस एक गाइडेड रॉकेट सिस्टम के तौर पर अपडेट हो चुका है। इस रॉकेट सिस्टम से मात्र 44 सेकेंड मे 72 रॉकेट दागे जा सकते हैं जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) एक तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है जिसमें "दागो और भूल जाओ" जैसी आक्रमण क्षमता है। इसका उद्देश्य पुरानी आयातित एंटी-टैंक मिसाइलों की जगह लेना है। यह एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल एक मध्यम या लंबी दूरी की मिसाइल है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य टैंक और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करना है। नाग मिसाइल इसी श्रेणी में आती है।
यह पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है। 3,500 किमी की रेंज की यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और भारत की 'सेकंड स्ट्राइक' क्षमता को मजबूत करती है।