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Vande Metro: आ गई देश की पहली वंदे मेट्रो, इस रूट पर कल से भरेगी फर्राटा, जानिए स्पीड से लेकर टाइमिंग तक

Vande Metro Train: अहमदाबाद-भुज वंदे मेट्रो ट्रेन नौ स्टेशनों पर रुकेगी और 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से 360 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे 45 मिनट में तय करेगी। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

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वंदे मेट्रो ट्रेन।

Photo : Times Now Digital

Vande Metro Train: वंदे भारत की तर्ज पर डिजाइन की गई देश की पहली वंदे मेट्रो फर्राटा भरने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को अपने गुजरात दौरे के दौरान इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पश्चिम रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देश की पहली वंदे मेट्रो अहमदाबाद से भुज के बीच चलेगी।

यह मेट्रो वंदे मेट्रो ट्रेन पूरी तरह से अनारक्षित और वातानुकूलित है। उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेन के प्रस्थान से कुछ समय पहले काउंटर से टिकट खरीद सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, वंदे मेट्रो ट्रेन में 1150 यात्री बैठकर यात्रा कर सकेंगे, जबकि 2,058 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकेंगे।

110 KMPH होगी स्पीड

पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, अहमदाबाद-भुज वंदे मेट्रो ट्रेन नौ स्टेशनों पर रुकेगी और 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से 360 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे 45 मिनट में तय करेगी। उन्होंने बताया कि यह भुज से सुबह 5.05 बजे रवाना होगी और पूर्वाह्न 10.50 बजे अहमदाबाद जंक्शन पर पहुंचेगी।

कवच प्रणाली से है लैस

वंदे मेट्रो को स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत की तर्ज पर डिजाइन किया गया है जिसका हर डिब्बा पूरी तरह वातानुकूलित होगा। वंदे मेट्रो ट्रेन को टकराव-रोधी प्रणाली (कवच) के साथ-साथ अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के पास वडसर एयर फोर्स स्टेशन पर एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। मोदी सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में ‘ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो’ (री-इनवेस्ट 2024) के चौथे संस्करण का उद्घाटन करेंगे। वह अहमदाबाद में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इसके अलावा, मोदी अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रेल सेवा के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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