India's Fierce Attacks On 8 Pak Military Facilities: आतंकी ठिकानों पर भारत के हमलों के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने शुरुआत में तेवर तो खूब दिखाए, लेकिन आखिर में उसे हार माननी पड़ी। भारत ने मजबूत और सटीक पलटवार से पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया कि आतंकी देश बेबस हो गया। पाकिस्तान को एहसास हो गया है कि उसके आठ एयरबेस नष्ट होने के बाद अब भारत के आगे हथियार डालना ही बेहतर रहेगा। भारत की जवाबी कार्रवाई से मजबूर होकर पाकिस्तान ने शांति का राग अलापना शुरू किया।
मार्को रुबियो का विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन करके बताया था कि भारतीय मिसाइलों से हमला किए जाने के बाद पाकिस्तानियों को स्पष्ट संदेश मिल गया है। सूत्रों ने कहा कि यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को कमजोर करती है कि अमेरिकी मध्यस्थता से शांति आई है, उन्होंने कहा कि ट्रंप अतिश्योक्ति के आदी हैं। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए बनी सहमति का श्रेय लेते हुए कहा कि दोनों पक्ष अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी बातचीत के बाद पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हुए।

मार्को रूबियो ने की एस जयशंकर से बात
बातचीत में कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था
सूत्रों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच सहमति बनी और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। सूत्रों ने बताया कि भारत ने वायु रक्षा प्रणालियों से लेकर रडार साइटों और पाकिस्तानी सेना के कमांड सेंटरों तक आठ प्रमुख प्रतिष्ठानों पर वेपन सिस्टम और मिसाइलों का इस्तेमाल करके सटीक हमले किए, जिसके कारण इस्लामाबाद को नई दिल्ली से लड़ाई खत्म करने का आग्रह करना पड़ा। उन्होंने बताया कि भारतीय हमले 9 और 10 मई की मध्यरात्रि को उधमपुर, पठानकोट और आदमपुर में वायु सेना स्टेशनों सहित 26 भारतीय ठिकानों पर हमला करने के पाकिस्तान की कोशिशों के जवाब में किए गए।
पाक के 8 सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला
सूत्रों ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने शनिवार सुबह रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियान सहित कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया। पसरूर और सियालकोट एविएशन बेस पर रडार साइटों को भी सटीक हथियारों का इस्तेमाल करके निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। 7 मई की सुबह नौ आतंकी ढांचों पर भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को कई भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की।

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला
फिर पाकिस्तान ने लगाई गुहार
सूत्रों ने बताया कि 9 और 10 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई सबसे भीषण थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों पर भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान ने लड़ाई समाप्त करने की गुहार लगाई और उसके डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया। सूत्रों ने बताया कि दोनों डीजीएमओ ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई और वाशिंगटन के युद्धविराम के दावों को खारिज कर दिया। दोनों डीजीएमओ के बीच बातचीत के करीब दो घंटे बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शनिवार शाम को घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान जमीन, हवा और समुद्र पर गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने पर सहमत हो गए हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच केवल डीजीएमओ पर बातचीत
एक सूत्र ने कहा, हमने शुरू से ही कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच केवल डीजीएमओ और सीधे तौर पर बातचीत होगी। सूत्रों ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता और भारत और पाकिस्तान के बीच तटस्थ स्थल पर बातचीत के बारे में अमेरिकी प्रशासन की टिप्पणियों को भी कमतर आंका। एक सूत्र ने कहा, कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के हिस्सों को वापस करने के अलावा हमारे पास इस्लामाबाद के साथ चर्चा करने के लिए कुछ भी नहीं है। सूत्र ने इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी को खारिज करते हुए कहा कि चर्चा करने के लिए और कुछ नहीं है। उन्हें अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्र को सौंपना होगा और वे इसे सीधे कर सकते हैं। हमें बीच में किसी की जरूरत नहीं है। (पीटीआई इनपुट)
