Indian Air Force Day celebrations : अपने 93वें स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय वायु सेना (IAF) ने गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर अपनी गजब की ताकत, शौर्य एवं पराक्रम का प्रदर्शन किया। वायु सेना ने दिखाया कि आधुनिक एवं उन्नत तकनीक से लैस बेजोड़ सशस्त्र बल है और किसी भी चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मौके पर वायु सेना प्रमुख एप सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।
नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी
कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना के चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी सहित वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सेना प्रमुखों ने नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।
परेड में शामिल हुए फाइटर प्लेन
वायु सेना की ताकत का जयघोष करने वाले इस परेड में राफेल, सुखोई 30 एमकेआई, मिग-29, भारतीय स्वदेशी नेत्र AEW&C, सी-17 ग्लोबमास्टर III, सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल सिस्टम, सी-130 जे हरक्युलिस, अपाचे हेलिकॉप्टर, लॉग्बो रडार एवं एएलएच शामिल हुए। आईएएफ की इस परेड में ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों को भी दिखाया गया।
AIF चीफ ने परेड का निरीक्षण किया
इस मौके पर वायु सेना प्रमुख ने परेड का निरीक्षण किया और उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना दिवस उन बहादुर वायु सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने अपने बलिदान, समर्पण और पेशेवरिता के माध्यम से हमारे देश के आसमान की रक्षा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर भी हैं, ने सभी वायु सैनिकों और पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं दीं।
8 अक्टूबर 1932 को हुई स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को रॉयल इंडियन एयर फोर्स के रूप में हुई थी, जो बाद में 1950 में वर्तमान भारतीय वायुसेना (IAF) के रूप में विकसित हुई। अपने इतिहास के दौरान, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के साथ चार प्रमुख युद्धों में हिस्सा लिया — 1947-48, 1965, 1971 (बांग्लादेश युद्ध) और 1999 (कारगिल युद्ध)। 1961 में, भारतीय वायुसेना ने गोवा को भारतीय संघ में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1962 में, इसने चीनी सेना के साथ संघर्ष के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को आवश्यक वायु समर्थन प्रदान किया।
विदेशों में भी चलाया अभियान
भारतीय वायुसेना ने 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर कब्जा करने में योगदान दिया। 1988 में, उसने पीपुल्स लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन ऑफ तमिल ईलम (PLOTE) द्वारा मालदीव सरकार को गिराने के प्रयास को विफल कर दिया। संकट के समय, भारतीय वायुसेना विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के बचाव अभियान चलाती है और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करती है। भारतीय वायुसेना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अंतरिक्ष विभाग के साथ मिलकर भी कार्य करती है।
