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भारतीय नौसेना ने फिर दिखाया पराक्रम, अरब सागर में हाईजैक किए गए ईरानी जहाज से बचाए 20 पाकिस्तानी नाविक

ईरानी रजिस्टर्ड फिशिंग वेसल 'अजिनी' को सोमालियाई या अंतरराष्ट्रीय समुद्री लुटेरों द्वारा अरब सागर के खुले समंदर में बंधक बना लिया गया था। यह हाई-रिस्क ऑपरेशन भारतीय मुख्य तट (मुंबई) से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर अरब सागर के पश्चिमी हिस्से में चलाया गया।

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अरब सागर में Indian Navy का ऑपरेशन (X/Rajnath Singh)

Indian Navy operation in Arabian Sea- भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी धाक जमाते हुए अरब सागर में एक बड़ा और साहसिक ऑपरेशन अंजाम दिया है। नौसेना ने समुद्री लुटेरों द्वारा हाईजैक किए गए एक ईरानी फिशिंग वेसल (मछली पकड़ने वाले जहाज) 'अजिनी' (Azini) को पूरी तरह मुक्त करा लिया है। इस सफल ऑपरेशन में जहाज पर सवार सभी 20 पाकिस्तानी नागरिकों (क्रू मेंबर्स) की जान सुरक्षित बचा ली गई है।

ईरानी रजिस्टर्ड फिशिंग वेसल 'अजिनी' को सोमालियाई या अंतरराष्ट्रीय समुद्री लुटेरों द्वारा अरब सागर के खुले समंदर में बंधक बना लिया गया था। यह हाई-रिस्क ऑपरेशन भारतीय मुख्य तट (मुंबई) से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर अरब सागर के पश्चिमी हिस्से में चलाया गया। इतनी दूर जाकर ऑपरेशन को अंजाम देना भारतीय नौसेना की लंबी दूरी की रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है। जहाज के हाईजैक होने की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और क्षेत्र में गश्त कर रहे अपने युद्धपोतों को तुरंत उस दिशा में मोड़ दिया।

भारतीय नौसेना का ऑपरेशन

भारतीय नौसेना ने इस अभियान के लिए अपने अत्याधुनिक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर (युद्धपोत) और नौसेना के विशेष कमांडोज (MARCOS) को तैनात किया। भारतीय युद्धपोत ने हाईजैक किए गए ईरानी जहाज को चारों तरफ से घेर लिया। नौसेना के कमांडोज ने पेशेवर तरीके से मोर्चा संभाला और लुटेरों पर कड़ा दबाव बनाया। भारतीय नौसेना के आक्रामक और सटीक रुख को देखते हुए समुद्री लुटेरों के पास कोई रास्ता नहीं बचा। कमांडोज ने बिना किसी बड़े नुकसान के जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया और सभी 20 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बचाए गए नाविकों की पहचान और राहत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईजैक किए गए इस ईरानी जहाज पर कुल 20 नाविक सवार थे, जो सभी पाकिस्तान के नागरिक थे। भारतीय नौसेना ने धर्म, देश या राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर 'समुद्री मानवता' का परिचय देते हुए इन सभी की जान बचाई। नौसेना की मेडिकल टीमों ने रेस्क्यू किए गए सभी नाविकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता, भोजन और पानी उपलब्ध कराया।

इस ऑपरेशन का सामरिक और भू-राजनीतिक महत्व

इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और अरब सागर में 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' और एक प्रमुख सुरक्षा प्रदाता की भूमिका निभा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी और अरब सागर में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को समुद्री लुटेरों (सोमालियाई पाइरेट्स) के हमलों से बचाने के लिए कई बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाए हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहा गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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