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अब नहीं उड़ेंगे MIG-21! लगातार हादसों के बाद India Airforce का बड़ा फैसला, पूरे बेड़े की उड़ान पर रोक

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated May 20, 2023, 08:51 PM IST

राजस्थान में एक मिग-21 जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने के दो सप्ताह बाद, भारतीय वायु सेना ने सोवियत मूल के विमानों के पुराने बेड़े की उड़ान पर रोक लगाने का फैसला किया है। मिग-21 के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद से यह 400 से अधिक दुर्घटनाओं में शामिल रहा है।

लगातार हो रहे क्रैश को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने मिग-21 की उड़ानों पर रोक लगाने का फैसला किया है। भारतीय वायुसेना ने मिग-21 के पूरे बेड़े की उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया है।

क्यों लगी रोक

भारतीय वायु सेना (IAF) ने मिग -21 लड़ाकू विमानों के पूरे बेड़े को तब तक के लिए रोक दिया है जब तक कि क्रैश की जांच नहीं हो जाती है। साथ ही इस महीने की शुरुआत में राजस्थान में दुर्घटना के कारणों की जांच भी अभी पेंडिग है। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने एएनआई को बताया- "जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल जाता, तब तक मिग-21 के बेड़े को रोक दिया गया है।"

लगातार होता रहा है क्रैश

राजस्थान में एक मिग-21 जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने के दो सप्ताह बाद, भारतीय वायु सेना ने सोवियत मूल के विमानों के पुराने बेड़े की उड़ान पर रोक लगाने का फैसला किया है। मिग-21 के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद से यह 400 से अधिक दुर्घटनाओं में शामिल रहा है। मिग-21 की दुर्घटना दर हाल के दिनों में चिंता का कारण रही है। इन दुर्घटनाओं में कई पायलट मारे गए हैं।

1960 के दशक में हुआ था शामिल

लंबे समय तक मिग-21 भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार हुआ करता था। 1960 के दशक की शुरुआत में शामिल किए जाने के बाद, भारतीय वायु सेना ने अपने समग्र युद्धक कौशल को बढ़ाने के लिए 700 से अधिक मिग-21 लड़ाकू विमानों की खरीद की थी। वर्तमान में, IAF के पास लगभग 50 विमानों के साथ तीन मिग -21 स्क्वाड्रन हैं। जिसे चरणबद्ध तरीके से हटा जा रहा था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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