Israel-Lebanon Ceasefire: इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर को लेकर सहमति बन गई है। इसको लेकर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इजरायल और लेबनान के बीच लागू हुए हालिया सीजफायर का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।
MEA ने क्या कुछ कहा?
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने कहा, ''भारत शांति की दिशा में उठाए गए हर कदम का स्वागत करता है।'' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का सीजफायर गुरुवार को लागू हुआ। इस संघर्षविराम के पीछे अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को अहम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं के बीच एक ऐतिहासिक बैठक कराने की पहल की बात कही है। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़े प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें ईरान भी एक अहम पक्ष बना हुआ है। तेहरान ने साफ किया है कि लेबनान में सीजफायर किसी भी बड़े समझौते का हिस्सा होना चाहिए।
'सभी घटनाक्रमों पर हमारी करीब नजर'
पाकिस्तान की संभावित भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में जयसवाल ने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ''हम पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रहे हैं।''
सनद रहे कि पश्चिम एशिया में तनाव 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद बढ़ा। इसके बाद 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने इस युद्ध में एंट्री ली और इजरायल पर रॉकेट दागे। जिसकी वजह से संघर्ष और भी ज्यादा व्यापक हो गया। इस बीच, ट्रंप ने उम्मीद जताई कि हिजबुल्लाह इस अवधि में संयम बरतेगा।
