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श्रीलंका तट के पास डूबे ईरानी युद्धपोत 'IRIS डेना' से 'संकटकालीन संदेश' मिलने के बाद खोज अभियान में शामिल हुई Indian Navy

ईरानी युद्धपोत भारत द्वारा आयोजित मिलन बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए।

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ईरानी युद्धपोत 'IRIS डेना'

भारतीय नौसेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो के लगने से श्रीलंका तट के पास डूबे ईरानी युद्धपोत 'आईरिस डेना' (Iranian Frigate IRIS Dena) से संकटकालीन संदेश मिलने के बाद वह खोज और बचाव अभियान में शामिल हो गई।ईरानी युद्धपोत भारत द्वारा आयोजित मिलन बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए।

भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि उसने श्रीलंका के नेतृत्व में चलाए जा रहे बचाव अभियान में सहयोग करने के लिए बुधवार सुबह 10 बजे लंबी दूरी के एक समुद्री गश्ती विमान के साथ खोज और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया।

'आईएनएस तरंगिनी' को बचाव कार्य में सहायता के लिए भेजा गया

बयान के अनुसार, 'आसमान से गिराए जा सकने वाले जीवनरक्षक राफ्ट से लैस एक अन्य विमान को भी तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया था। आसपास ही तैनात आईएनएस तरंगिनी को बचाव कार्य में सहायता के लिए भेजा गया और वह शाम 4 बजे तक खोज क्षेत्र में पहुंच गई।' इसमें कहा गया है, 'उस समय तक श्रीलंका नौसेना और अन्य एजेंसियों द्वारा खोज और बचाव कार्य शुरू किया जा चुका था।'

भारतीय नौसेना ने बताया कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के कोलंबो स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र में 'आईरिस देना' नामक जहाज से संकटकालीन सूचना प्राप्त हुई। नौसेना ने बताया कि ईरानी जहाज गॉल से 20 समुद्री मील पश्चिम में श्रीलंका के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में था।

भारतीय नौसेना ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया

नौसेना ने कहा, 'सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। सुबह 10:00 बजे लंबी दूरी के एक समुद्री गश्ती विमान को भेजकर श्रीलंका के नेतृत्व में जारी रहे खोज अभियान में सहायता प्रदान की गई।'नौसेना ने बताया कि एक अन्य भारतीय नौसैन्य जहाज आईएनएस इक्षक भी खोज अभियान में सहायता के लिए कोच्चि से रवाना हुआ और लापता कर्मियों की तलाश के लिए क्षेत्र में मौजूद है। नौसेना ने कहा, 'श्रीलंका के साथ खोज और बचाव प्रयासों में समन्वय जारी है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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