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वैश्विक मंच पर भारत का बजा डंका! IMO काउंसिल में फिर हुई एंट्री, जानें क्या है महत्व

भारत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) परिषद में दोबारा चुना गया है और श्रेणी-बी में सबसे ज्यादा समर्थन हासिल करते हुए 169 में से 154 मत मिले। यह श्रेणी उन 10 देशों की है जिनकी वैश्विक समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका है। 2026–27 के कार्यकाल के लिए निर्वाचित यह परिषद IMO की नीतियों और गतिविधियों का अंतर-सत्रीय संचालन करती है।

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भारत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) परिषद में पुनः निर्वाचित किया गया है।(फोटो सोर्स: international maritime organizatio)

Photo : Twitter

भारत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) परिषद में पुनः निर्वाचित किया गया है। भारत श्रेणी-बी में शामिल है, जिसमें 10 ऐसे देश हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में सबसे अधिक हिस्सेदारी और रुचि है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस श्रेणी में भारत ने 169 वैध मतों में से 154 मत हासिल कर सबसे अधिक समर्थन प्राप्त किया।

तीन श्रेणियों में बंटी है आईएमओ

परिषद के चुनाव आईएमओ की 34वीं सभा के दौरान शुक्रवार को लंदन में गुप्त मतदान के माध्यम से संपन्न हुए।

आईएमओ परिषद का कार्यकाल 2026-27 के दो वर्षों के लिए होगा। बयान में कहा गया, “भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन में व्यापक समर्थन प्राप्त किया है ताकि वह वैश्विक समुद्री क्षेत्र में अपनी सेवाएं जारी रख सके।”

आईएमओ परिषद तीन श्रेणियों में बंटी हुई है और इसमें 176 सदस्य देशों में से 40 निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।

परिषद का काम सत्रों के बीच संगठन की गतिविधियों का संचालन करना है।

क्या काम करती है यह संगठन?

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) संयुक्त राष्ट्र की वह महत्वपूर्ण एजेंसी है, जो दुनिया भर में समुद्री परिवहन की सुरक्षा, पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों को तय करती है। वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्र के रास्ते होता है, ऐसे में जहाज़ों के संचालन से लेकर समुद्री हादसों की रोकथाम और प्रदूषण नियंत्रण तक—हर स्तर पर एक साझा और मानकीकृत व्यवस्था की जरूरत थी।

इसी भूमिका को निभाने के लिए IMO की स्थापना की गई। संगठन दुनिया के तमाम समुद्री राष्ट्रों के साथ मिलकर ऐसे नियम बनाता है, जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित और पर्यावरण–अनुकूल बनाएं। तेल रिसाव, जहाज़ी टकराव, समुद्री श्रमिकों की सुरक्षा और नए तकनीकी मानकों पर इसकी नीतियां वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री की दिशा तय करती हैं। यही वजह है कि IMO को आधुनिक समुद्री शासन का आधार स्तंभ माना जाता है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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