Indo-Pak Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते गतिरोध के बीच भारत ने वैश्विक नेताओं से बात करनी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो समेत 10 देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर वार्तालाप की। उन्होंने समकक्ष नेताओं को बताया कि भारत स्थिति को बिगाड़ने की पाकिस्तान की किसी भी प्रयास से दृढ़ता से निपटेगा। जयशंकर ने सख्त लहजे में पाकिस्तान को संदेश दिया कि भारत का पाकिस्तान के साथ तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर देश पर सैन्य हमला होता है, तो बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा। विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा कि पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले ने भारत को सीमा पार स्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर बुधवार को हमला करने के लिए मजबूर किया। अब पाकिस्तान के दुस्साहस पर हमारी सेना सीधा और करारा जवाब देगी।
फोन पर वार्तालाप
फोन पर बातचीत के बाद जयशंकर ने बताया कि इस वार्तालाप के दौरान सीमा पार आतंकवाद पर भारत की लक्षित और नपी-तुली प्रतिक्रिया को रेखांकित किया। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आज शाम अमेरिका के विदेश मंत्री से बात की। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ काम करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता की मैं दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के प्रति भारत की लक्षित और नपी-तुली प्रतिक्रिया को रेखांकित किया गया। तनाव बढ़ाने के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला किया जाएगा।
सभी विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर यह बातचीत तब हुई जब मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात में चलाए गए अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और फिर 15 भारतीय शहरों पर हमले की पाकिस्तान की असफल कोशिश के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि रुबियो ने तत्काल तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत के लिए अमेरिकी समर्थन व्यक्त किया और संवाद को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने को प्रोत्साहित किया। ब्रूस ने कहा कि विदेश मंत्री ने पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के लिए अपनी संवेदना दोहराई और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन विदेश मंत्रियों से की बात
- कतर के पीएम और विदेश मंत्री MBA अल थानी
- जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया
- फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरेट
- जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल
- स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस
- सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री से दिल्ली में मुलाकात
- ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास Araghchi से मुलाकात
- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो
- यूरोपियन यूनियन की विदेश मामलों की प्रमुख/प्रतिनिधि से बात
- इटली के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री से बात
सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों के तहत भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करने के लिए बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे। ऐसा माना जा रहा है कि नयी दिल्ली की अघोषित यात्रा पर आये अल-जुबैर सऊदी नेतृत्व का संदेश लेकर आए हैं। सऊदी मंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बातचीत की और बुधवार की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर भारत के सैन्य हमलों के बाद विकसित घटनाक्रम पर चर्चा की।
