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जेलों में कितने कैदी हैं बंद, भारत-PAK ने एक-दूसरे को सौंपी सूची, जानें किसके यहां हैं कितने बंदी

पाकिस्तान ने उन सभी पाकिस्तानी कैदियों और मछुआरों की तत्काल रिहाई और स्वदेश वापस भेजे जाने की मांग की है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है और जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो चुकी है। विदेश कार्यालय ने कहा, ‘दिव्यांग और मानसिक रोगों से पीड़ित कैदियों सहित पाकिस्तानी माने जाने वाले सभी कैदियों के लिए विशेष राजनयिक सहायता का अनुरोध किया गया है।

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भारत-पाकिस्तान अपने यहां जलों में बंद कैदियों की सूची एक-दूसरे को सौंपी।

India-Pakistan exchange list of prisoners : भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने जेलों में बंद कैदियों की सूची का मंगलवार का आदान-प्रदान किया। सूची की यह अदला-बदली नई दिल्ली एवं इस्लामाबाद में राजनयिक चैनलों के जरिए हुई। दोनों देशों ने बताया कि उनके यहां जेलों में सामान्य कैदी और मछुआरे बंद है। दोनों देश अग्रीमेंट ऑन कॉन्सुलर एक्सेस 2008 के तहत साल में दो बार कैदियों की सूची की अदला-बदली करते हैं।

पाकिस्तान ने सौंपे 246 भारतीय नाम

विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को 246 भारतीय या भारतीय माने जाने वाले कैदियों की सूची सौंपी है। विदेश कार्यालय ने कहा, ‘आज पाकिस्तान और भारत ने राजनयिक माध्यमों से एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया।’इसके साथ ही, भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के एक राजनयिक को 463 पाकिस्तानी या पाकिस्तानी माने जाने वाले कैदियों की सूची साझा की। इनमें 81 मछुआरे भी शामिल हैं।

कैदियों-मछुआरों की तत्काल रिहाई की मांग

पाकिस्तान ने उन सभी पाकिस्तानी कैदियों और मछुआरों की तत्काल रिहाई और स्वदेश वापस भेजे जाने की मांग की है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है और जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो चुकी है। विदेश कार्यालय ने कहा, ‘दिव्यांग और मानसिक रोगों से पीड़ित कैदियों सहित पाकिस्तानी माने जाने वाले सभी कैदियों के लिए विशेष राजनयिक सहायता का अनुरोध किया गया है, ताकि उनकी राष्ट्रीयता की शीघ्र पुष्टि हो सके।’उसने कहा, ‘भारत से उसकी जेलों में बंद सभी पाकिस्तानी कैदियों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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