Iran US Tension: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी सेना तेहरान पर हमला करने के लिए तैयार है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार कर रही है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय का शुक्रवार को बयान सामने आया जिसमें साफ किया गया कि ईरान की मौजूदा स्थितियों पर भारत अपनी नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ''ईरान में तनाव बना हुआ है... वहां की गतिविधियों पर हम नजर रख रहे हैं। हम लोग लगातार वहां (ईरान) रह रहे भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं, पिछले सप्ताहों में हमने एडवाइजरी भी जारी की गई है, उसके मद्देनजर भारतीय समुदाय के लोग हमसे जुड़े हुए हैं...।''
US ने पश्चिम एशिया में बढ़ाई सैन्य ताकत
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है और ईरान पर हमले की संभावना को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने लड़ाकू विमान और युद्धपोत क्षेत्र में भेजे हैं। अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक ईरान पर हमला करने को तैयार है, लेकिन ट्रंप को अंतिम फैसला करना है। इस मसले को लेकर व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने उच्च स्तरीय बैठक भी की।
ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया
ईरान ने गुरुवार को रूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया, जबकि दूसरा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट के करीब आ रहा। अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिया है कि अगर तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत नाकाम होती है तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करना होगा अन्यथा "बहुत बुरी चीजें" होंगी। इसके लिए ट्रंप ने 10 से 15 दिनों की डेडलाइन तय की। हालांकि, तेहरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं। उसने भी साफ कर दिया कि हमले की स्थिति में तेहरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
