देश

रूस से भारत खरीदने जा रहा हाथ से दागने वाली Igla-S मिसाइल, हवा में ही दुश्मन के विमान हो जाएंगे नेस्तानाबूद

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 14, 2023, 11:38 PM IST

इग्ला ‘मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम’ (एमएएनपीएडीएस) है जिसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों और हेलीकॉप्टरों को मार गिराने के लिए किया जाता है। इस मिसाइल की मारक क्षमता छह किलोमीटर तक है।

Image

इग्ला-एस मिसाइल को खरीदेगा भारत (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

भारत उस मिसाइल की एक और खेप को खरीदने जा रहा है, जिसके नाम से ही दुश्मन के लड़ाकू विमानों के पायलट थर-थर कांपने लगते हैं। इस मिसाइल को लॉन्च करना इतना आसान है कि इसे सिर्फ दो सैनिक, हाथों से दाग सकते। इस मिसाइल का नाम इग्ला-एस (Igla-S) है, जिसका निर्माण रूस ने किया है।

तीनों सेनाओं की बढ़ेगी क्षमता

भारत अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैन्य इकाइयों की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने के लिए रूस से विमान भेदी इग्ला-एस मिसाइल की एक खेप खरीदने की प्रक्रिया में है। जिन्हें हाथ में लेकर आसानी से दागा जा सकता है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

भारत में ही उत्पादन पर विचार

अधिकारियों ने कहा कि भारत मेक-इन-इंडिया पहल के तहत देश में रूसी मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन पर भी विचार कर रहा है। थलसेना, नौसेना और वायुसेना के पास पहले से ही इग्ला मिसाइलें हैं।

क्या है इग्ला की खासियत

इग्ला ‘मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम’ (एमएएनपीएडीएस) है जिसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों और हेलीकॉप्टरों को मार गिराने के लिए किया जाता है। इस मिसाइल की मारक क्षमता छह किलोमीटर तक है। अधिकारियों ने कहा कि भारत ने सेना के लिए इग्ला-एस मिसाइल के नवीनतम संस्करण की एक खेप की खरीद के लिए लगभग पांच महीने पहले रूस के साथ एक सौदा किया था।

पुराने की जगह नई सिस्टम

नए हथियार 1990 के दशक की शुरुआत में सेना में शामिल की गई इग्ला मिसाइलों की जगह लेंगे। खरीदी जा रही मिसाइल की संख्या के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article