देश

'भारत-ईरान संबंध मजबूत, 5000 वर्षों का इतिहास' होर्मुज में भारतीय टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान के प्रतिनिधि ने क्या-क्या कहा?

Iran-India: इलाही ने कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं और मुझे इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता जिसका आपने जिक्र किया है। हम उम्मीद करते हैं कि सब ठीक हो जाएगा और मामला सुलझ जाएगा।

Image

अब्दुल मजीद इलाही

Photo : ANI

India-Iran Relations: ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय झंडे वाले दो टैंकरों पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया दी है। राजदूत डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन संबंधों से नई दिल्ली को लाभ होता है, और उदाहरण के तौर पर बताया कि उसके तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं।

इलाही ने कहा, भारत-ईरान संबंध मजबूत

इलाही ने कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं और मुझे इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता जिसका आपने जिक्र किया है। हम उम्मीद करते हैं कि सब ठीक हो जाएगा और मामला सुलझ जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ईरान युद्ध का नहीं, बल्कि शांति का पक्षधर है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, भारत के प्रधानमंत्री की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बेहद सफल वार्ता हुई और विदेश मंत्री की ईरान के विदेश मंत्री के साथ कई सफल वार्ताएं हुईं।

इलाही ने आगे कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध 5,000 वर्षों के इतिहास में निहित हैं। ईरानी संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा, मानवता और दर्शन के माध्यम से भारत से जुड़े हुए हैं। हमारा संबंध बहुत मजबूत है और आगे भी मजबूत होता रहेगा। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, हम शांति चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि दूसरा पक्ष भी शांति का मार्ग अपनाएगा ताकि हम एक शांतिपूर्ण क्षेत्र बना सकें।

Hormuz की नाकेबंदी

Hormuz की नाकेबंदी

भारतीय झंडे वाले दो टैंकरों पर हमला

शनिवार को ओमान के उत्तर में ईरान नौसेना ने जग अर्नव और सनमार हेराल्ड नामक दो टैंकरों पर गोलीबारी की। ये टैंकर कुछ मिलियन बैरल इराकी तेल ले जा रहे थे। इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और विदेश मंत्रालय ने औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए भारत में ईरानी राजदूत को तलब किया। ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली को पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के संयुक्त सचिव से मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय कार्यालय से निकलते हुए देखा गया।

विदेश मंत्रालय ने बाद में एक बयान में कहा कि विदेश सचिव ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी घटना पर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, उन्होंने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित किया और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया था। व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों को भारत का दृष्टिकोण बताएं और जलडमरूमध्य से भारत आने वाले जहाजों के आवागमन को सुगम बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article