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Earthquake Today: भारत में आज सुबह-सुबह कहां आया भूकंप? कितनी थी तीव्रता, कितना हुआ नुकसान?

Earthquake Today in India 5 June 2026: भारत में आज कहां आया भूकंप? क्या दिल्ली एनसीआर में आंधी-बारिश के साथ-साथ भूकंप के भी झटके लगे हैं?

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भारत में कहां-कहां आया भूकंप?

Earthquake Today in India 5 June 2026: भारत में आज कहां आया भूकंप? भारत में आज एक राज्य में भूकंप के झटके लगे हैं। अरुणाचल प्रदेश में सुबह-सुबह भूंकप आया। जिसके कारण लोगों में दहशत भी देखने को मिली। अरुणाचल प्रदेश सुबह पांच बजे के बाद अर्थक्वेक आया, जिसकी तीव्रता 3.0 थी। इसके अलावा और कहीं भूकंप नहीं आया है। दिल्ली एनसीआर में आंधी और बारिश के चांस हैं, लेकिन कोई भूकंपीय घटना दर्ज नहीं हुई है।

भारत में 5 जून को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on June 5)

भारत में कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
अरुणाचल प्रदेश3.005:36:4713 KMदिबांग घाटी

दुनिया में 5 जून को कहां भूकंप आया? (June 5 Tremors Worldwide)

आज भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप आया है, जिसमें अमेरिका का अलास्का प्रांत, कनाडा, वेनेजुएला और ताजिकिस्तान शामिल है। जिसमें अलास्का में आधे घंटे के अंदर तीन बार भूकंप के झटके लगे हैं। जिसकी तीव्रता 2.8 से लेकर 3.3 तक रही है।

दुनिया में कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
अमेरिका3.308:08:2028 KMअलास्का
अमेरिका3.208:01:4419 KMअलास्का
अमेरिका2.807:53:0413 KMअलास्का
कनाडा3.206:27:4310 KMव्हाइटहॉर्स
वेनेज़ुएला4.805:11:1510 KMएल टोकुयो

अमेरिका के अलास्का में क्यों आता है बार-बार भूकंप?

अलास्का में बार-बार भूकंप आने का मुख्य कारण इसकी अनूठी और जटिल भूगर्भीय स्थिति है। यह क्षेत्र पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, जो दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्र माना जाता है। अलास्का के नीचे टेक्टोनिक प्लेटों की भारी हलचल होती है, जहां विशाल प्रशांत प्लेट (Pacific Plate) उत्तर की ओर बढ़ते हुए उत्तरी अमेरिकी प्लेट (North American Plate) से टकराती है और उसके नीचे दबती चली जाती है। इस भूगर्भीय प्रक्रिया को 'सबडक्शन' (Subduction) कहा जाता है। जब प्रशांत प्लेट नीचे धंसती है, तो दोनों प्लेटों के बीच अत्यधिक घर्षण और दबाव पैदा होता है। चट्टानें इस भारी दबाव को लंबे समय तक झेलती हैं, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती कांप उठती है और भूकंप के तेज झटके महसूस होते हैं। इसके अतिरिक्त, अलास्का में फॉल्ट लाइनों (दरारों) का एक बहुत बड़ा और जटिल नेटवर्क है, जो इन प्लेटों के खिसकने के कारण लगातार सक्रिय रहता है। इन फॉल्ट्स के साथ चट्टानों के अचानक सरकने से भी लगातार छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। यही वजह है कि अलास्का न केवल अमेरिका का, बल्कि पूरी दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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