देश

'लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती', चीन की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का करारा जवाब

लद्दाख के 28 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के लिए भारत की ओर से मानक नाम घोषित किए जाने पर चीन ने आपत्ति जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भारत के इस कदम को एकतरफा और गैरकानूनी बताते हुए कहा कि चीन इन नामों को मान्यता नहीं देता।

Image

चीन के विवादास्पद दावे का भारत ने दिया करारा जवाब। PTI

Photo : PTI

लद्दाख को लेकर चीन के नापाक मंसूबे फिर सामने आ चुके हैं। चीन ने हाल ही में लद्दाख को लेकर विवादास्पद बयान दिया, जिसका विदेश मंत्रालय ने करारा जवाब दिया है। चीन की ओर से लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के नाम आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने के भारत के फैसले पर आपत्ति जताए जाने के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्पष्ट कहा है कि लद्दाख देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और चीन के इनकार से यह सच्चाई नहीं बदल सकती।

'चीन के इनकार से नहीं बदलेगी सच्चाई'

रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीन की ओर से कितनी भी बार इनकार किया जाए, इससे यह स्थापित तथ्य नहीं बदल सकता।

चीन ने भारत के लद्दाख स्थित कई क्षेत्रों के स्टैंडर्ड नाम घोषित करने पर मंगलवार (13 अक्टूबर 2026) को आपत्ति जताई थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने कहा, 'सर्वे ऑफ इंडिया के लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के मानचित्र पर इन स्थानों को औपचारिक रूप से चिह्नित करने का उद्देश्य इनकी सटीक पहचान को सुगम बनाना और आम जनता के बीच बेहतर जागरूकता पैदा करना है।'

चीन ने क्या किया दावा?

बता दें कि चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत के इस कदम को एकतरफा और पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन भारत की ओर से घोषित मानक नामों को मान्यता नहीं देता और इसका विरोध करता है।

उन्होंने दावा किया कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला भी गैरकानूनी है। माओ निंग ने कहा कि ये इलाके चीन के हैं और भारत की ओर से इनके नाम रखने या बदलने से जमीन पर संप्रभुता की स्थिति नहीं बदलेगी।

गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे रणनीतिक इलाके भी शामिल

भारत की ओर से मानक नाम दिए गए 28 स्थानों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास स्थित गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं। वर्ष 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के दौरान ये इलाके चर्चा में रहे थे।

इनके अलावा सूची में कई पर्वत चोटियां, दर्रे, ग्लेशियर, घाटियां, नदियां और अन्य भौगोलिक विशेषताएं शामिल हैं। आधिकारिक नक्शे पर इनकी पहचान दर्ज करने का उद्देश्य भौगोलिक नामों में एकरूपता लाना और सीमावर्ती क्षेत्रों की सटीक पहचान को आसान बनाना है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!