Ursula Von Der Leyen : यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करने के लिए शुक्रवार को अपने शिष्टमंडल के साथ नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस पहुंचीं। लेयेन और उनका शिष्टमंडल कार या किसी लग्जरी वाहन में सवार होकर हैदराबाद हाउस नहीं आया बल्कि बस में सवार होकर वार्ता स्थल पहुंचा। हालांकि, यह आम बस नहीं थी। यह हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली बस थी। इस बस को टाटा मोटर और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने तैयार किया है। बस में सवार होते समय ईयू के कमिश्नर कैमरों को देख मुस्कुराए। फिर बस इन्हें लेकर हैदराबाद हाउस आई। फिर यहां पीएम मोदी और लेयेन के बीच शिष्टमंडल स्तर की बैठक और बातचीत हुई।
एफटीए पर हस्ताक्षर करने के इच्छुक हैं-EU
लेयेन ने कहा कि भारत एवं यूरोपीय संघ (ईयू) इस साल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के इच्छुक हैं जो वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा। लेयेन ने इस बात पर जोर दिया कि भू-राजनीतिक चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए दोनों पक्षों को रणनीतिक संबंधों को ‘अगले स्तर पर’ले जाना चाहिए। वॉन डेर लेयेन ने एक थिंक टैंक को संबोधित करते हुए घोषणा की कि यूरोपीय संघ जापान और दक्षिण कोरिया के साथ किए गए समझौतों की तरह भारत के साथ भविष्य में ‘सुरक्षा साझेदारी’की संभावनाएं तलाश रहा है।
विश्व खतरों से भरा हुआ है-लेयेन
शीर्ष यूरोपीय नेता ने बताया कि विश्व किस प्रकार ‘खतरों’से भरा हुआ है और शक्ति को लेकर महाप्रतिस्पर्धा का आधुनिक संस्करण यूरोप और भारत को अपनी साझेदारी के संबंध में ‘पुन: कल्पना’करने का अवसर देता है। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब व्यापार और शुल्क के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच तनाव पैदा हो गया है। उन्होंने ‘इंडियाज वर्ल्ड’ में कहा, ‘पिछले 30 साल में हमने साथ मिलकर बहुत कुछ किया है लेकिन सच तो यह है कि हम अपनी क्षमता का अभी तक बहुत कम दोहन कर पाए हैं इसलिए यह हमारे सहयोग पर सीमाएं लगाने का समय नहीं है।’
साथ आए हैं यूरोप 27 देशों के कमिश्नर
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता से पहले कहा, ‘यह व्यावहारिक और महत्वाकांक्षी होने का समय है तथा आज की वास्तविकताओं के अनुरूप अपनी प्राथमिकताओं को फिर से संरेखित करने का समय है।’लेयेन ‘ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स’ यानी समूह के 27 सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ दो दिवसीय भारत यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को यहां पहुंचीं। यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत में इस सदी की निर्णायक साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता है तथा आगामी वर्षों और दशकों में नयी दिल्ली यूरोप की विदेश नीति की आधारशिला होगी।
यह यात्रा एक नए युग की शुरुआत हो-लेयेन
उन्होंने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि यह यात्रा एक नए युग की शुरुआत हो। मैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ही विचार रखते हैं। अब समय आ गया है कि हम यूरोपीय संघ और भारत की अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाएं। हमारी अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए, हमारे सामने मौजूद साझा वैश्विक चुनौतियों के लिए और हमारे संबंधित क्षेत्रों एवं विश्व भर में हमारे साझेदारों के लाभ के लिए...।’ यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा तथा संपर्क एवं वैश्विक भागीदारी के क्षेत्र में सहयोग यूरोपीय संघ एवं भारत की भागीदारी को अगले स्तर पर ले जा सकता है। वॉन डेर लेयेन ने मुक्त व्यापार समझौते पर कहा कि वह इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इस तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा-लेयेन
उन्होंने कहा, ‘यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया में इस तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा। मैं अच्छी तरह से जानती हूं कि यह आसान नहीं होगा।’ लेयेन ने कहा, ‘लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि समय एवं दृढ़ संकल्प मायने रखता है और यह साझेदारी हम दोनों के लिए सही समय पर हो रही है।’ उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि हमने इस वर्ष इसे पूरा करने के लिए जोर देने पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ सहमति व्यक्त की है। आप मेरी पूर्ण प्रतिबद्धता पर भरोसा कर सकते हैं कि हम इसे अंजाम तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।’
