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'मुझे यदि कुछ होता है तो शिवकुमार होंगे जिम्मेदार', CT रवि का दावा-पुलिस उठाकर थाने ले आई, मेरी हत्या की हो रही साजिश

CT Ravi : कर्नाटक में भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सी टी रवि को बृहस्पतिवार को विधान परिषद में मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। भाजपा नेता का कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा कर वे उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने पहले ही शिकायत दी है।'

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पुलिस ने सीटी रवि को गिरफ्तार किया है।

CT Ravi : कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सीटी रवि ने अपनी गिरफ्तारी पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रवि ने कहा है कि पुलिस रात आठ बजे उन्हें लेकर खानापुरा पुलिस स्टेशन आई। पुलिस यह नहीं बता रही है कि वह किस में उन्हें यहां लेकर आई है। भाजपा नेता का दावा है कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही है। यहां तक जीरो एफआईआर भी दर्ज नहीं किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'यदि उन्हें कुछ होता है तो कांग्रेस सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा कर वे मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं। मैंने पहले ही शिकायत दी है।'

सड़क पर धरने पर बैठे रवि

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रात तड़के तीन बजे पुलिस भाजपा नेता को बेलगावी जिले के रामदुर्ग तालुक लेकर आई। इसके विरोध में सीटी रवि धरने पर सड़क पर बैठ गए है। बताया जा रहा है कि मीडिया को पुलिस का पीछा करने से रोकने के लिए उसकी राह में एक लॉरी लगा दी गई।

मेरे साथ अपराधी जैसा बर्ताव-सीटी रवि

सीटी रवि ने कहा, 'मुझे पुलिस स्टेशन आए तीन घंटे हो गए हैं लेकिन यह नहीं बताया गया है कि मुझे यहां किस लिए लाया गया। इस दौरान यदि मुझे कुछ होता है तो पुलिस, डीके शिवकुमार, लक्ष्मी हेब्बालकर और उनकी टीम जिम्मेदार होगी। ये लोग मेरे साथ एक अपराधी की तरह बर्ताव कर रहे हैं। मैंने एक मंत्री के रूप में काम किया है। मैं लोगों का नुमाइंदा हूं। ये आपातकाल के दौर की तरह काम कर रहे हैं।'

मंत्री लक्ष्मी के लिए कहे अपमानजनक शब्द-कांग्रेस

बता दें कि कर्नाटक में भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सी टी रवि को बृहस्पतिवार को विधान परिषद में मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंत्री द्वारा दी गई एक शिकायत के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, इशारा या कृत्य) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। रवि ने आरोपों को झूठा बताते हुए इसका खंडन किया है और प्रदर्शन किया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हेब्बालकर ने विधान परिषद के सभापति से एक शिकायत की है।

गुरुवार को कर्नाटक विधानमंडल में हुआ हंगामा

कर्नाटक विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को काफी हंगामा हुआ। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने सी. टी. रवि पर विधान परिषद में उनके खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। रवि पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। जब संवाददाताओं ने घटना के बारे में उनसे पूछा तो हेब्बालकर ने केवल इतना कहा, ‘मैं दुखी हूं....।’इससे पहले, हेब्बालकर के समर्थक होने का दावा करते हुए बेलगावी से आए लोगों का एक समूह यहां सुवर्ण विधान सौध परिसर में रवि की ओर गुस्से में बढ़ा, लेकिन सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। कुछ लोगों ने रवि के खिलाफ बाहर प्रदर्शन भी किया, जिन्हें पुलिस ने तुरंत वहां से हटा दिया।

'हेब्बालकर से दो पंक्ति पीछे खड़े थे रवि'

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बी आर आंबेडकर संबंधी बयान को लेकर हंगामे के बाद सभापति बसवराज होरट्टी द्वारा सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित किए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच हुई कहासुनी के दौरान रवि ने हेब्बालकर के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्द का कई बार इस्तेमाल किया। कांग्रेस के विधान पार्षद यतींद्र सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहा कि यह घटना सभापति द्वारा सदन स्थगित किए जाने के बाद हुई और वह उस समय हेब्बालकर से दो पंक्ति पीछे खड़े थे। उन्होंने कहा कि हेब्बालकर और रवि के बीच वाकयुद्ध हुआ और जब उन्होंने (हेब्बालकर) उनके (रवि) खिलाफ कुछ टिप्पणियां कीं, तो उन्होंने (रवि) उनके (हेब्बालकर) खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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